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रायपुर। भारतीय अंतरिक्ष विज्ञान के नए चमकते सितारे और ‘अशोक चक्र’ से सम्मानित ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला मंगलवार को पहली बार छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर पहुंचे। अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) की ऐतिहासिक यात्रा से लौटने के बाद यह उनका पहला छत्तीसगढ़ प्रवास है। नवा रायपुर के राखी स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में उन्होंने ‘प्रोजेक्ट अंतरिक्ष संगवारी’ और नवनिर्मित अंतरिक्ष केंद्र का भव्य शुभारंभ किया।
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मध्य भारत में स्पेस शिक्षा की मशाल
कार्यक्रम के दौरान बच्चों को संबोधित करते हुए शुभांशु शुक्ला ने एक महत्वपूर्ण कमी की ओर इशारा किया। उन्होंने कहा, “मध्य भारत के क्षेत्रों में स्पेस शिक्षा की अभी कमी है, जबकि यह आज के युग की सबसे बड़ी जरूरत है। जब बच्चों को सही जानकारी मिलेगी, तभी वे विज्ञान को करियर के रूप में चुन सकेंगे।” उन्होंने इस बात पर खुशी जाहिर की कि छत्तीसगढ़ सरकार बच्चों को विज्ञान के प्रति उत्साहित कर रही है, जो भविष्य में पूरे देश के लिए लाभकारी सिद्ध होगा।
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ISS पर रचा था इतिहास: राकेश शर्मा के बाद दूसरे भारतीय
ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने अंतरिक्ष में भारत का मान बढ़ाया है:
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ऐतिहासिक मिशन: 26 जून 2025 को उन्होंने स्पेस-X के ड्रैगन अंतरिक्ष यान से ISS पहुंचकर इतिहास रचा। वे विंग कमांडर राकेश शर्मा के बाद अंतरिक्ष यात्रा करने वाले दूसरे भारतीय बने।
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अंतरिक्ष में शोध: उन्होंने स्पेस में 20 दिन बिताए और इस दौरान जैवचिकित्सा, कृषि, और उन्नत सामग्री विज्ञान जैसे क्षेत्रों में 60 से अधिक जटिल प्रयोग संपन्न किए।
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NDA से गगनयान तक का सफर
लखनऊ के रहने वाले शुभांशु का सफर असाधारण रहा है। 2006 में वायुसेना में शामिल होने वाले शुभांशु को 2019 में ‘गगनयान’ मिशन के लिए चुना गया था। ISS पर पायलट के रूप में उनका अनुभव भारत के आगामी गगनयान मिशन के लिए गेम-चेंजर साबित होगा।
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स्पेस सेक्टर में भारत का बढ़ता कद
केंद्रीय बजट 2026 और भारत की स्पेस पॉलिसी पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया भारत को सम्मान की नजर से देख रही है। सरकार और ISRO के मजबूत समर्थन ने वैज्ञानिकों की जिम्मेदारी और उत्साह दोनों बढ़ा दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मानव अंतरिक्ष मिशन (Human Space Mission) सबसे बड़ी चुनौती है क्योंकि इसमें जीवन रक्षक प्रणालियों (ऑक्सीजन, तापमान नियंत्रण) को 100% सटीक रखना होता है, जिस पर भारत तेजी से काम कर रहा है।
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अगला पड़ाव: जशपुर में 10 हजार बच्चों से संवाद
रायपुर के बाद, ग्रुप कैप्टन शुक्ला 4 फरवरी को जशपुर के प्रवास पर रहेंगे। रणजीता स्टेडियम में आयोजित ‘इंडिया इन स्पेस’ कार्यक्रम में वे जिले के लगभग 10 हजार स्कूली बच्चों से सीधा संवाद करेंगे। यहाँ वे अपनी अंतरिक्ष यात्रा के रोमांचक अनुभव साझा करेंगे और छत्तीसगढ़ के नौनिहालों को ‘स्पेस करियर’ के गुर सिखाएंगे।

