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दक्षिण भारत में बीती रात और शुक्रवार को हुए दो अलग अलग भीषण सड़क हादसों ने एक बार फिर राष्ट्रीय राजमार्गों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। तमिलनाडु और कर्नाटक में हुए इन दुर्घटनाओं में कुल 19 लोगों की जान चली गई, जबकि कई यात्री गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
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तमिलनाडु के कुड्डालोर जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग पर तिरुचिरापल्ली से चेन्नई जा रही राज्य परिवहन निगम की बस का टायर अचानक फट गया। टायर फटते ही चालक बस पर नियंत्रण खो बैठा और बस डिवाइडर पर चढ़ते हुए विपरीत दिशा में चली गई। इसके बाद बस की आमने सामने की टक्कर चेन्नई से तिरुचिरापल्ली की ओर जा रही एक एसयूवी और एक कार से हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों निजी वाहनों के परखच्चे उड़ गए। हादसे में पहले सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि इलाज के दौरान दो अन्य लोगों ने दम तोड़ दिया। इस तरह मृतकों की संख्या बढ़कर नौ हो गई। बस और अन्य वाहनों में सवार कई यात्री गंभीर रूप से घायल हुए हैं। पुलिस और बचाव दल ने घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया। प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह बस का टायर फटना बताई जा रही है। घटना के बाद कुछ समय के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात भी बाधित रहा।
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वहीं कर्नाटक के चित्रदुर्ग जिले में शुक्रवार को एक और भयावह सड़क दुर्घटना सामने आई। बेंगलुरु से गोकर्ण जा रही एक निजी स्लीपर कोच बस को हिरियूर तालुक के गोरलाथु क्रॉस के पास राष्ट्रीय राजमार्ग 48 पर एक ट्रक ने सामने से टक्कर मार दी। टक्कर के तुरंत बाद बस में आग लग गई और वह देखते ही देखते जलकर खाक हो गई। इस हादसे में कम से कम 10 लोगों की जलकर मौत हो गई, जबकि कई यात्री गंभीर रूप से झुलस गए। पुलिस के मुताबिक हिरियूर से बेंगलुरु की ओर जा रहा ट्रक डिवाइडर पार कर बस से टकराया था। शुरुआती जांच में ट्रक चालक की लापरवाही सामने आई है और आशंका जताई जा रही है कि चालक को नींद की झपकी आ गई होगी। बस में आग लगने के कारण कई यात्री अंदर ही फंस गए, जिससे बचाव कार्य में भारी मुश्किलें आईं।
दोनों ही मामलों में पुलिस ने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और विस्तृत जांच जारी है। इन लगातार हो रहे हादसों ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर वाहन चालकों की सतर्कता, वाहनों की तकनीकी जांच और सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर चिंतन की जरूरत को एक बार फिर उजागर कर दिया है।
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