छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना का 68.54 लाख महिलाओं को मिल रहा लाभ, 5,911 आवेदन अब भी लंबित
विशेष संवाददाता | रायपुर
छत्तीसगढ़ विधानसभा के जुलाई सत्र के तहत आज 17 जुलाई 2026 को होने वाली सदन की कार्यवाही का मुख्य एजेंडा तय हो गया है। विधानसभा सचिवालय द्वारा जारी आधिकारिक तारांकित प्रश्नोत्तरी की शलाका सूची के अनुसार, आज का प्रश्नकाल मुख्य रूप से राज्य के दो बड़े विभागों के इर्द-गिर्द केंद्रित रहने वाला है। आज की सूची में कुल 25 तारांकित प्रश्नों को शामिल किया गया है, जिनमें सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों द्वारा जनहित से जुड़े गंभीर मुद्दों पर मंत्रियों को घेरने की तैयारी है।
इस महत्वपूर्ण सूची के अनुसार, खाद्य नागरिक आपूर्ति तथा उपभोक्ता संरक्षण विभाग से जुड़े कुल 14 सवालों का सामना विभागीय मंत्री श्री दयालदास बघेल को करना होगा। वहीं दूसरी ओर, महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण विभाग के कुल 11 महत्वपूर्ण प्रश्नों के उत्तर विभागीय मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े द्वारा सदन के पटल पर रखे जाएंगे।
आज के प्रश्नकाल में वरिष्ठ विधायकों और प्रमुख नेताओं की सक्रियता देखने को मिलेगी। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत खाद्य विभाग से संबंधित प्रश्न क्रमांक 956 के जरिए मंत्री दयालदास बघेल से जवाब मांगेंगे। इसके अलावा वरिष्ठ विधायक श्री धरमलाल कौशिक प्रश्न क्रमांक 741, श्री उमेश पटेल प्रश्न क्रमांक 724, श्री धर्मजीत सिंह प्रश्न क्रमांक 732 और पूर्व मंत्री श्रीमती अनिला भेंडिया प्रश्न क्रमांक 669 के माध्यम से अपनी बात रखेंगे।
खाद्य विभाग के अंतर्गत जिन अन्य प्रमुख विधायकों के सवालों को आज सूचीबद्ध किया गया है, उनमें श्रीमती शेषराज हरवंश, श्री सुशांत शुक्ला, श्री नीलकंठ टेकाम, श्रीमती अंबिका मरकाम, श्री रिकेश सेन, श्री रोहित साहू, श्री भूलन सिंह मराबी, श्री इन्द्रशाह मंडावी, श्री द्वारिकाधीश यादव, श्री ब्यास कश्यप और श्री भैयालाल राजवाड़े शामिल हैं।
महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण विभाग के मोर्चे पर मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े से जानकारी मांगने वाले विधायकों में श्री विक्रम मंडावी, श्री अनुज शर्मा, श्री कवासी लखमा, श्री तुलेश्वर हीरा सिंह मरकाम, श्री विनायक गोयल, श्रीमती भावना बोहरा, श्री बालेश्वर साहू, श्री बघेल लखेश्वर और श्रीमती उत्तरी गनपत जांगड़े के नाम प्रमुख हैं। आज सुबह 11:00 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होते ही इन सभी 25 तारांकित प्रश्नों पर मंत्रियों के जवाब और उन पर होने वाली तीखी पूरक चर्चाओं से सदन का सियासी पारा चढ़ना तय माना जा रहा है।

