रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा महिलाओं के कल्याण और सुरक्षा के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। विधानसभा में प्रस्तुत नवीनतम आंकड़ों (प्रपत्र-अ) के अनुसार, जनवरी 2024 से 18 फरवरी 2026 तक प्रदेश में महिलाओं को दी जाने वाली सहायता में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2025-26 के शुरुआती 10 महीनों में ही अब तक 8,072 महिलाओं को विभिन्न योजनाओं के तहत लाभान्वित किया जा चुका है, जो पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में अधिक है।
दुर्ग जिले में सहायता की दर सबसे अधिक आंकड़ों का विश्लेषण करने पर पता चलता है कि दुर्ग जिला महिलाओं को सहायता प्रदान करने के मामले में पूरे प्रदेश में शीर्ष पर है। यहाँ वर्ष 2025-26 में अब तक 1,184 महिलाओं को मदद पहुंचाई गई है, जबकि पिछले वर्ष यह संख्या 615 थी। राजधानी रायपुर में भी सहायता का दायरा काफी विस्तृत है, जहाँ इस वर्ष अब तक 594 महिलाओं को लाभान्वित किया गया है। इसके अलावा सूरजपुर (519), बेमेतरा (438) और बालोद (415) जैसे जिलों में भी महिलाओं तक सरकारी मदद प्रभावी ढंग से पहुंच रही है।
सालाना आंकड़ों में लगातार सुधार रिपोर्ट के अनुसार, 1 जनवरी 2024 से 31 मार्च 2024 के बीच प्रदेश भर में 2,051 महिलाओं को सहायता दी गई थी। इसके बाद वित्तीय वर्ष 2024-25 में यह आंकड़ा बढ़कर 7,401 तक पहुंच गया। वर्तमान वित्तीय वर्ष (2025-26) में 18 फरवरी तक ही सहायता प्राप्त करने वाली महिलाओं की संख्या 8,072 हो चुकी है, जो महिला बाल विकास विभाग की सक्रियता को दर्शाता है। बस्तर संभाग के जिलों जैसे बस्तर (356) और कोंडागांव (235) में भी महिलाओं को निरंतर सहायता प्रदान की जा रही है।
नए जिलों में भी पहुंची मदद सरकार द्वारा गठित नए जिलों में भी महिला सहायता योजनाओं का क्रियान्वयन शुरू हो चुका है। नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, नवा रायपुर में 54, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी में 71, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 80 और मोहला-मानपुर में 32 महिलाओं को सहायता दी गई है। यह आंकड़े इस बात का प्रमाण हैं कि राज्य सरकार समाज के हर वर्ग और हर क्षेत्र की महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के प्रति संकल्पित है।



