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रांची
आगामी पांच वर्षों में राजधानी रांची की यातायात व्यवस्था का पूरी तरह से कायाकल्प होने जा रहा है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर पथ निर्माण विभाग ने शहर में ट्रैफिक कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने और लोगों को जाम से स्थाई मुक्ति दिलाने के लिए 10 नए फ्लाइओवर के निर्माण की एक भव्य योजना तैयार की है.
ये फ्लाइओवर कांटाटोली से नेवरी, बरियातू रोड, कांके रोड, हरमू नदी के किनारे, मेकन-बिरसा चौक और डीपीएस रूट में बनाए जाएंगे. इनमें से 9 फ्लाइओवर के निर्माण की अनुमानित लागत करीब 3000 करोड़ रुपये आंकी गई है. योजना को मंजूरी मिलने के बाद भू-अर्जन (जमीन अधिग्रहण) और यूटिलिटी शिफ्टिंग के लिए अलग से बजट जारी किया जाएगा, जिससे कुल लागत में और बढ़ोतरी होने की संभावना है. पथ निर्माण विभाग ने संबंधित कंपनियों के सहयोग से इन सभी प्रस्तावित फ्लाइओवर की डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार कर ली है.
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रांची में प्रस्तावित 10 फ्लाइओवर योजनाएं और उनकी लागत:
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बरियातू रोड फ्लाइओवर (लंबाई: 5.2 किमी, लागत: ₹625 करोड़): करमटोली स्थित लोकायुक्त भवन के पास से रिम्स (RIMS) होते हुए सेवेन डे हॉस्पिटल तक फोरलेन फ्लाइओवर बनेगा. इसकी तकनीकी स्वीकृति मिल चुकी है.
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कांके रोड फ्लाइओवर (लंबाई: 8.5 किमी, लागत: ₹850 करोड़): एपीएन शाहदेव चौक से रिनपास होते हुए रिंग रोड तक फोरलेन फ्लाइओवर का निर्माण होगा.
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स्वर्णरेखा फ्लाइओवर (लंबाई: 5.0 किमी, लागत: ₹470 करोड़): हिनू ओवरब्रिज से हरमू नदी के दोनों किनारों से होते हुए धुर्वा स्थित जगन्नाथपुर मंदिर के पास तक दो-दो लेन का फ्लाइओवर बनेगा.
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हरमू रिवर फ्लाइओवर (लंबाई: 2.2 किमी, लागत: ₹250 करोड़): हरमू मुक्तिधाम के पास नदी किनारे से रेडिशन ब्लू तक नदी के दोनों ओर दो-दो लेन का फ्लाइओवर प्रस्तावित है, जिसकी फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार है.
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कांटाटोली-नेवरी फ्लाइओवर: इसके तहत विभिन्न चरणों में कांटाटोली से लेकर कोकर चौक और बूटी मोड़ होते हुए नेवरी तक फ्लाइओवर बनाया जाएगा. जल्द ही इसका प्रजेंटेशन मुख्यमंत्री के समक्ष दिया जाएगा.
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मेकन-बिरसा चौक-डीपीएस रूट (लागत: ₹630 करोड़): इस रूट पर दो चरणों (फेज) में कुल 5 फ्लाइओवर बनाए जाएंगे: उड़ान योजना के नए चरण में बनेंगे 100 नए एयरपोर्ट और 200 हेलीपैड, 28,840 करोड़ रुपये का बजट मंजूर
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फेज-1: डोरंडा के मेकन चौक से बिरसा चौक तक (फोर लेन).
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फेज-1: हिनू चौक से सीधे एयरपोर्ट तक (टू लेन).
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फेज-2: डीपीएस स्कूल चौक से खूंटी रोड की ओर (टू लेन).
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फेज-2: डीपीएस चौक से विधानसभा के आगे तक (टू लेन).
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फेज-2: पुराना विधानसभा से बिरसा चौक तक (टू लेन).
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17 फ्लाइओवरों की ‘हाईटेक नगरी’ बनेगी रांची
वर्तमान में सिरमटोली से मेकन चौक और कांटाटोली से बहुबाजार तक फ्लाइओवर का निर्माण हो चुका है, जबकि रातू रोड में एनएचएआई द्वारा एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया गया है. इसके अलावा, बहुबाजार से सिरमटोली तक कनेक्टिंग फ्लाइओवर का काम चल रहा है, जिसे इस साल के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य है. हाल ही में करमटोली चौक से चिरौंदी, अरगोड़ा चौक और हरमू चौक से रातू रोड चौक तक के फ्लाइओवरों का टेंडर भी फाइनल हो चुका है, जिनका निर्माण कार्य इसी साल अक्टूबर से शुरू हो जाएगा. इन सभी मौजूदा और 10 नए प्रस्तावित प्रोजेक्ट्स को मिलाकर रांची में कुल 17 फ्लाइओवर हो जाएंगे.
मरीजों और एयरपोर्ट जाने वालों को मिलेगी बड़ी राहत
इन नए फ्लाइओवरों के निर्माण से रांची वासियों का सफर बेहद आसान हो जाएगा. सबसे बड़ा फायदा स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र को मिलेगा; बरियातू रोड फ्लाइओवर बनने से रिम्स व अन्य बड़े अस्पतालों में एंबुलेंस बिना जाम में फंसे ‘गोल्डन आवर’ में गंभीर मरीजों को पहुंचा सकेंगी. इसके अलावा, मेकन से बिरसा चौक फ्लाइओवर बनने के बाद एयरपोर्ट जाने वाले वाहनों को शहर के जाम से जूझना नहीं पड़ेगा.
पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव सुनील कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के दिशा-निर्देश पर केवल रांची ही नहीं, बल्कि राज्य के अन्य दूसरे जिलों में भी रोड कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए फ्लाइओवर और फोरलेन सड़कों के निर्माण पर युद्ध स्तर पर काम किया जा रहा है.
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