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रायपुर
उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे ओडिशा व पश्चिम बंगाल के तटों पर बने कम दबाव के क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) के और अधिक मजबूत होकर ‘सुस्पष्ट लो प्रेशर एरिया’ में तब्दील होने से देश के कई राज्यों में झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले सात दिनों के दौरान पूर्वी व पूर्वोत्तर भारत तथा पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में बारिश की गतिविधियों में भारी बढ़ोतरी की संभावना जताई है. इस मौसमी तंत्र के असर से 17 राज्यों में 40 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है.
इस वेदर सिस्टम का सबसे ज्यादा असर पड़ोसी राज्य झारखंड और पश्चिम बंगाल के साथ-साथ समूचे छत्तीसगढ़ में देखने को मिल रहा है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यह तंत्र अगले दो दिनों में उत्तर ओडिशा और गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल की ओर बढ़ेगा, जिससे मध्य और पूर्वी भारत के राज्यों में मानसूनी आफत बढ़ सकती है.
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छत्तीसगढ़ के जशपुर, अंबिकापुर और रायपुर समेत इन जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र रायपुर के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हुए इस मजबूत मौसमी तंत्र के प्रभाव से छत्तीसगढ़ के अधिकांश हिस्सों में अगले तीन से चार दिनों तक मध्यम से भारी बारिश की चेतावनी दी गई है.
प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों के लिए जारी पूर्वानुमान इस प्रकार है: उत्तर छत्तीसगढ़ के जशपुर और अंबिकापुर (सरगुजा) क्षेत्र में मानसून का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल रहा है. मौसम विभाग ने इन दोनों ही पहाड़ी और वनांचल क्षेत्रों में गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने (वज्रपात) के साथ भारी से अति भारी बारिश की आशंका जताई है.
राजधानी रायपुर, बिलासपुर और रायगढ़ जिलों में घने बादल छाए हुए हैं और इन क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ मध्यम से भारी वर्षा दर्ज की जा रही है. स्थानीय प्रशासन को जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट रहने को कहा गया है.
दक्षिण छत्तीसगढ़ के जगदलपुर (बस्तर), कोंडागांव और सुकमा जिलों में भी इस मानसूनी सिस्टम का गहरा प्रभाव दिख रहा है. इन आदिवासी बाहुल्य जिलों में लगातार हो रही बारिश से नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने लगा है, जिसके चलते मौसम विभाग ने यहां वज्रपात और भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है.
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झारखंड में 22 जुलाई तक व्यापक बारिश, वज्रपात से दो बच्चों की मौत
झारखंड मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य में 17 से 22 जुलाई तक व्यापक और मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया है. गुरुवार को राज्य के कई हिस्सों में हुई जोरदार बारिश के तहत सबसे अधिक सिमडेगा में 42 मिमी, मेदिनीनगर में 21 मिमी और जमशेदपुर में 8.3 मिमी वर्षा दर्ज की गई. इसी दौरान लातेहार के सदर थाना क्षेत्र में कस्तूरबा विद्यालय के समीप हुए भीषण वज्रपात की चपेट में आने से दो बच्चों— पीयूष कुमार और पवन साहू की दर्दनाक मौत हो गई.
मौसम विभाग ने 17 जुलाई को खूंटी, गुमला, सिमडेगा, पूर्वी व पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसांवा में भारी बारिश और वज्रपात की विशेष चेतावनी जारी की है, जबकि 18 जुलाई को राजधानी रांची सहित लातेहार, चतरा, हजारीबाग, कोडरमा, बोकारो और लोहरदगा जैसे 10 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए लोगों को आंधी-तूफान के समय सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है.

