रायपुर: छत्तीसगढ़ में इस समय ‘नौतपा’ के कारण सूरज की तपिश अपने चरम पर है और पूरा प्रदेश भीषण गर्मी की चपेट में है। अधिकांश जिलों में पारा 40 से 47 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है, जिससे आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। इस चिलचिलाती धूप और लू (Heatwave) के थपेड़ों के बीच मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़ के लोगों के लिए राहत भरी खबर दी है। प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदलना शुरू हो गया है और आगामी दो दिनों तक तेज आंधी के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
राहत की इस फुहार के बीच छत्तीसगढ़ के लोग अब बेसब्री से मानसूनी बारिश का इंतजार कर रहे हैं, जिसे लेकर मौसम विभाग ने एक बड़ा और महत्वपूर्ण अपडेट साझा किया है।
कब आएगा छत्तीसगढ़ में मानसून?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, देश में सबसे पहले मानसून केरल के तट पर दस्तक देता है, जिसके पहुंचने की सामान्य तारीख 1 जून मानी जाती है। आमतौर पर केरल में मानसून के आगमन के ठीक 10 से 12 दिन बाद यह छत्तीसगढ़ की सीमा में प्रवेश करता है। मौसम विभाग के मुताबिक, छत्तीसगढ़ में मानसून पहुंचने की सामान्य और संभावित तारीख 12 जून तय की गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि परिस्थितियां अनुकूल (Favorable Conditions) रहीं, तो मानसून अपने सही समय पर बस्तर के रास्ते प्रदेश में प्रवेश कर जाएगा। हालांकि, मौसम के मिजाज को देखते हुए इसमें 5 से 7 दिनों की देरी की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता है, लेकिन अभी के अनुमान के अनुसार 12 जून के आसपास प्रदेशवासियों को मानसूनी राहत मिल सकती है।
अगले दो दिन 60 किमी की रफ्तार से चलेगी आंधी, बारिश का अलर्ट
भले ही मुख्य मानसून आने में अभी कुछ दिनों का समय बाकी है, लेकिन प्री-मानसून गतिविधियों ने प्रदेश में हलचल बढ़ा दी है। नौतपा के बीच मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों में अगले दो दिनों तक तेज अंधड़ और गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से विनाशकारी हवाएं चल सकती हैं।
इस बदलते मौसम का असर प्रदेश के कुछ हिस्सों में दिखने भी लगा है। सूरजपुर और अंबिकापुर (सरगुजा संभाग) में तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश दर्ज की गई है, जिससे तापमान में गिरावट आई है। इसके साथ ही रायगढ़ और सुकमा में भी धूलभरी आंधी चलने से लोगों को भीषण गर्मी से फौरी राहत मिली है। राजधानी रायपुर की बात करें, तो यहाँ भी मौसम विभाग ने धूलभरी आंधी और छाए रहने वाले बादलों को लेकर चेतावनी जारी की है।
फिलहाल लू का सितम जारी, मानसून से ही मिलेगी पक्की राहत
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 1 जून तक प्रदेश के कुछ चुनिंदा जिलों में हल्की बूंदाबांदी और प्री-मानसून बौछारें जरूर पड़ेंगी, जिससे तापमान में मामूली गिरावट आ सकती है। इसके बावजूद, छत्तीसगढ़ के अधिकांश जिले फिलहाल भीषण लू की चपेट में ही रहेंगे और तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया जाएगा। मौसम वैज्ञानिकों का साफ कहना है कि इस झुलसाने वाली गर्मी और नौतपा की तपन से लोगों को पूरी और स्थाई राहत तभी मिलेगी, जब जून के दूसरे हफ्ते में मानसून छत्तीसगढ़ की धरती को तरबतर करेगा। तब तक लोगों को धूप और लू से बचकर रहने की सलाह दी गई है।

