छत्तीसगढ़ की षष्ठम् विधानसभा के गठन के बाद से अब तक आयोजित विभिन्न सत्रों में माननीय विधायकों की भागीदारी और उनकी उपस्थिति का विस्तृत विवरण सार्वजनिक किया गया है। विधानसभा सचिवालय द्वारा जारी इन आंकड़ों के अनुसार, 19 दिसंबर 2023 से लेकर 20 मार्च 2026 तक की अवधि में आयोजित कुल आठ अलग-अलग सत्रों में विधायकों की उपस्थिति उनके संसदीय उत्तरदायित्व और क्षेत्र की जनता के प्रति उनकी निष्ठा को दर्शाती है। रिपोर्ट के विश्लेषण से यह स्पष्ट होता है कि सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई विधायकों ने सदन की लगभग हर बैठक में अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर एक आदर्श प्रस्तुत किया है, जबकि कुछ सदस्यों की उपस्थिति तुलनात्मक रूप से कम रही है।
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| विधायक का नाम | सत्र-1(19-12-23 से 21-12-23) | सत्र-2(05-02-24 से 28-02-24) | सत्र-3(22-02-24 से 28-02-24) | सत्र-4(24-02-25 से 21-03-25) | सत्र-5(05-03-25 से 21-03-25) | सत्र-6(03-02-26 से 20-03-26) | सत्र-7(15-03-26 से 20-03-26) | कुल उपस्थित दिन |
| श्री अनुज शर्मा | 3 दिन | 18 दिन | 5 दिन | 20 दिन | 11 दिन | 15 दिन | 6 दिन | 58 दिन |
| श्रीमती शकुंतला सिंह पोर्ते | 3 दिन | 18 दिन | 5 दिन | 20 दिन | 11 दिन | 15 दिन | 6 दिन | 58 दिन |
| श्री प्रेमचन्द पटेल | 3 दिन | 18 दिन | 5 दिन | 20 दिन | 11 दिन | 15 दिन | 6 दिन | 58 दिन |
| श्री डोमनलाल कोर्सेवाडा | 3 दिन | 18 दिन | 5 दिन | 20 दिन | 11 दिन | 15 दिन | 6 दिन | 58 दिन |
| श्री रिकेश सेन | 3 दिन | 18 दिन | 5 दिन | 20 दिन | 11 दिन | 15 दिन | 6 दिन | 58 दिन |
| श्री रोहित साहू | 3 दिन | 18 दिन | 5 दिन | 20 दिन | 11 दिन | 15 दिन | 6 दिन | 58 दिन |
| श्रीमती गोमती साय | 3 दिन | 18 दिन | 5 दिन | 20 दिन | 11 दिन | 14 दिन | 6 दिन | 57 दिन |
| श्री पुन्नूलाल मोहले | 3 दिन | 18 दिन | 5 दिन | 19 दिन | 11 दिन | 15 दिन | 6 दिन | 57 दिन |
| श्री भूपेश बघेल | 3 दिन | 18 दिन | 5 दिन | 16 दिन | 11 दिन | 14 दिन | 6 दिन | 42 दिन |
| श्री कवासी लखमा | 3 दिन | 18 दिन | 5 दिन | 12 दिन | 11 दिन | 14 दिन | 6 दिन | 24 दिन |
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उपस्थिति पत्रक के आंकड़ों पर गौर करें तो माननीय सदस्यों में अनुज शर्मा, श्रीमती शकुंतला सिंह पोर्ते, प्रेमचन्द पटेल, डोमनलाल कोर्सेवाडा, रिकेश सेन और रोहित साहू जैसे नाम सबसे ऊपर उभरकर आए हैं, जिन्होंने कुल 58 कार्यदिवसों में अपनी शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित की है। इनके अलावा, श्रीमती गोमती साय और पुन्नूलाल मोहले जैसे वरिष्ठ सदस्यों ने भी 57 दिनों की प्रभावी उपस्थिति के साथ सदन की गरिमा बढ़ाई है। दूसरी ओर, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उपस्थिति 42 दिन और वरिष्ठ नेता कवासी लखमा की उपस्थिति 24 दिन दर्ज की गई है, जो उनके संसदीय कार्यकाल के दौरान विभिन्न राजनीतिक और व्यक्तिगत व्यस्तताओं को दर्शाती है।
नियमों के अनुसार, विधानसभा की इस उपस्थिति तालिका में एक महत्वपूर्ण तकनीकी पहलू यह भी है कि माननीय अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, मुख्यमंत्री, नेता प्रतिपक्ष और मंत्रियों द्वारा उपस्थिति पंजी पर हस्ताक्षर नहीं किया जाता है, जिसके कारण उनके नाम के सम्मुख ‘डैश’ या ‘निरंक’ अंकित किया गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत और उपमुख्यमंत्री अरुण साव एवं विजय शर्मा की उपस्थिति इसी श्रेणी के अंतर्गत आती है। विधानसभा की इस आधिकारिक रिपोर्ट का प्रकाशन न केवल पारदर्शिता को बढ़ावा देता है, बल्कि यह मतदाताओं को भी अपने प्रतिनिधियों की विधायी सक्रियता का आकलन करने का एक ठोस आधार प्रदान करता है


