भारत और कनाडा के रिश्तों में जमी ‘बर्फ’ अब पिघलती नजर आ रही है। दो साल के लंबे इंतजार और कूटनीतिक तनाव के बाद, दोनों देशों ने एक बार फिर मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की मेज पर लौटने का फैसला किया है। यह खबर न केवल व्यापार जगत के लिए बड़ी राहत है, बल्कि वैश्विक राजनीति के बदलते समीकरणों का भी संकेत है। कनाडा के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू ने भारतीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल को अगले महीने कनाडा आने का न्योता दिया है। इस कदम को 2023 से रुकी हुई बातचीत को फिर से पटरी पर लाने की एक बड़ी कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। क्या यह नई शुरुआत भारत के निर्यात को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगी? यह देखना दिलचस्प होगा।
फरवरी में होगा महा-मंथन: पीयूष गोयल का कनाडा दौरा
कनाडा ने औपचारिक रूप से भारत के साथ व्यापारिक रिश्तों को सुधारने की इच्छा जताई है। फरवरी के तीसरे हफ्ते में होने वाली इस उच्च स्तरीय बैठक में व्यापार समझौते के भविष्य की रूपरेखा तैयार की जाएगी। वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल के मुताबिक, दोनों देश वर्तमान में ‘टर्म्स ऑफ रेफरेंस’ को अंतिम रूप दे रहे हैं। यह एक ऐसा बुनियादी दस्तावेज है जो तय करेगा कि समझौते में किन-किन वस्तुओं और सेवाओं को शामिल किया जाएगा। इस बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए दोनों देशों ने अपने मुख्य वार्ताकारों (Chief Negotiators) की नियुक्ति भी कर दी है।
बदलते व्यापारिक आंकड़े: भारत की मजबूत स्थिति
दिलचस्प बात यह है कि तनाव के बावजूद भारत और कनाडा के बीच व्यापारिक रिश्तों में भारत का पलड़ा भारी रहा है। वित्तीय वर्ष 2024-25 के ताजा आंकड़े बताते हैं कि कनाडा को होने वाला भारतीय निर्यात 9.8% की बढ़त के साथ 4.22 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। वहीं दूसरी ओर, कनाडा से भारत आने वाले सामान में गिरावट दर्ज की गई है। यह आंकड़ा स्पष्ट करता है कि कनाडा के बाजार के लिए भारतीय सामान की मांग लगातार बढ़ रही है, जो इस नए समझौते के लिए एक ठोस आधार प्रदान करता है।
इन दिग्गजों के हाथ में होगी बातचीत की कमान
बातचीत को पेशेवर और तकनीकी रूप से सफल बनाने के लिए अनुभवी अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। भारत की ओर से वाणिज्य विभाग के संयुक्त सचिव बृज मोहन मिश्रा मोर्चा संभालेंगे, जबकि कनाडा की ओर से अनुभवी वार्ताकार ब्रूस क्रिस्टी चर्चा का नेतृत्व करेंगे। यह वार्ता 2023 के गतिरोध के बाद की पहली बड़ी औपचारिक कोशिश है, जिसका उद्देश्य निवेश बढ़ाना और दोनों देशों के स्टार्टअप्स और उद्योगों को लाभ पहुँचाना है। ताज़ा खबरों और अपडेट्स के लिए हमें Facebook और Instagram पर फॉलो करें।
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