रायपुर/23 सितंबर 2026।
आयुष्मान में महिलाओं को इलाज नहीं मिल पा रहा है। प्रदेश कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि सिजेरियन से लेकर सर्वाइकल कैंसर तक ईलाज आयुष्मान योजना में निजी अस्पतालों में नहीं हो रहा है। सरकार ने महिलाओं की गंभीर बीमारियों को निजी अस्पतालों में ईलाज होने पर आयुष्मान में उसका भुगतान नहीं दिया जा रहा। सरकारी अस्पतालों में सुविधाओं का अभाव है, ऐसे में मरीज मजबूरी में ऋण लेकर निजी अस्पतालों में ईलाज कराने को मजबूर है।
प्रदेश कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि यदि किसी गर्भवती महिला को चिकित्सकीय कारणों से सिजेरियन डिलीवरी की आवश्यकता पड़ती है और उसे निजी अस्पताल में आयुष्मान योजना का लाभ नहीं मिलता, तो परिवार के सामने दो ही रास्ते बचते हैं, या तो सरकारी अस्पताल जाए अथवा निजी अस्पताल में इलाज का खर्च अपनी जेब से उठाए। महिलाओं में गर्भाशय, अंडाशय और फैलोपियन ट्यूब से संबंधित अनेक बीमारियों में ऑपरेशन की जरूरत पड़ती है। रिपोर्ट में ऐसी कई प्रक्रियाओं के निजी अस्पतालों में आयुष्मान के तहत उपलब्ध नहीं होने की बात कही गई है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के लिए अचानक आने वाला यह खर्च पूरे परिवार की आर्थिक व्यवस्था को हिला सकता है। रिपोर्टों के अनुसार सामान्य प्रसव के अतिरिक्त ब्रीच डिलीवरी, वैक्यूम और फोरसेप डिलीवरी जैसी कुछ प्रसव संबंधी सेवाओं को लेकर भी निजी अस्पतालों में आयुष्मान कवरेज का सवाल सामने आया है।
प्रदेश कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि सबसे गंभीर चिंता सर्वाइकल कैंसर की शुरुआती जांच को लेकर है। रिपोर्ट में कहा गया है कि निजी अस्पतालों में PAP और Colposcopy जैसी जांचें आयुष्मान योजना के तहत उपलब्ध नहीं हो रही हैं। कैंसर जैसी गंभीर बीमारी में शुरुआती जांच और समय पर चिकित्सकीय हस्तक्षेप बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। इसलिए सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि छत्तीसगढ़ में आयुष्मान कार्डधारी महिलाओं को ऐसी जांचों के लिए किन अस्पतालों में सुविधा मिलेगी और उन्हें अपनी जेब से कितना खर्च करना पड़ेगा।


