रायपुर: छत्तीसगढ़ के पर्यावरण संरक्षण के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बिलासपुर स्थित कोपरा जलाशय को आधिकारिक तौर पर छत्तीसगढ़ का पहला और देश का 96वां ‘रामसर स्थल’ घोषित कर दिया गया है। इस बड़ी उपलब्धि के उत्साह के साथ, आगामी 2 फरवरी 2026 को राज्य भर में ‘विश्व वेटलैंड दिवस’ मनाया जाएगा।
इस वर्ष की थीम: विरासत और परंपरा का संगम
वर्ष 2026 के लिए विश्व वेटलैंड दिवस की थीम ‘‘वेटलैंड्स और पारंपरिक ज्ञान- सांस्कृतिक विरासत का उत्सव’’ रखी गई है। इसका मुख्य उद्देश्य आर्द्रभूमियों (Wetlands) के संरक्षण में स्थानीय समुदायों के पारंपरिक ज्ञान और उनकी सांस्कृतिक विरासत के महत्व को दुनिया के सामने लाना है।
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राज्य वेटलैंड प्राधिकरण ने छत्तीसगढ़ को पर्यावरण मानचित्र पर लाने के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं:
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रामसर मिशन 2030: ‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047’ के तहत राज्य का लक्ष्य वर्ष 2030 तक 20 वेटलैंड्स को रामसर साइट का दर्जा दिलाना है।
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अगला लक्ष्य – गिधवा-परसदा: बेमेतरा के गिधवा-परसदा वेटलैंड कॉम्प्लेक्स को रामसर स्थल घोषित करने का प्रस्ताव भी दिसंबर 2025 में भारत सरकार को भेजा जा चुका है।
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देश में अग्रणी राज्य: सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए, छत्तीसगढ़ ने 2.25 हेक्टेयर से बड़े 11,096 वेटलैंड्स का बाउंड्री डिमार्केशन (सीमा निर्धारण) पूरा कर लिया है, जिससे छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है।
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जन-भागीदारी से संरक्षण: ‘वेटलैंड मित्र’ अभियान
विश्व वेटलैंड दिवस के अवसर पर राज्य के सभी वनमंडलों में व्यापक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा:
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स्कूली बच्चों के लिए: पेंटिंग, पोस्टर प्रतियोगिता और बर्ड वॉक का आयोजन।
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समुदाय के लिए: स्थानीय नागरिकों और संस्थाओं के लिए विशेष कार्यशालाएं।
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वेटलैंड मित्र: प्राधिकरण अधिक से अधिक लोगों को ‘वेटलैंड मित्र’ के रूप में जोड़ रहा है ताकि संरक्षण कार्य एक जन-आंदोलन बन सके।
“कोपरा जलाशय का रामसर साइट बनना राज्य के लिए गौरव की बात है। हमारा लक्ष्य अब छोटे वेटलैंड्स (2.25 हेक्टेयर से कम) का चिन्हांकन कर उन्हें भी सुरक्षित करना है।” – राज्य वेटलैंड प्राधिकरण
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