रायपुर:
सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को आधुनिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य के तीन प्रमुख शहरों—रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग में ‘अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम’ की शुरुआत कर दी गई है। इस नई स्वचालित व्यवस्था के जरिए अब राशन कार्ड धारक अपनी सुविधा अनुसार किसी भी समय, बिना लंबी कतारों के, सटीक मात्रा में अनाज प्राप्त कर सकेंगे। आगामी दो वर्षों के भीतर इस तकनीक का विस्तार प्रदेश के सभी जिलों में करने का लक्ष्य रखा गया है।
ग्रेन एटीएम की खासियतें और कार्यप्रणाली
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24×7 उपलब्धता: हितग्राही सप्ताह के सातों दिन और 24 घंटे कभी भी अपनी सुविधानुसार राशन ले सकते हैं।
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बायोमेट्रिक सत्यापन: मशीन से खाद्यान्न प्राप्त करने के लिए केवल राशन कार्ड नंबर दर्ज करना होगा या फिंगरप्रिंट (बायोमेट्रिक) प्रमाणीकरण करना होगा।
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सटीक तौल: स्वचालित प्रणाली होने से घटतौली की आशंका पूरी तरह समाप्त होगी और पात्र परिवार को उनका पूरा हक मिलेगा।
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चार राज्यों के बाद छत्तीसगढ़ में दस्तक: उत्तराखंड, ओडिशा, गुजरात और मेघालय के सफल मॉडल के बाद छत्तीसगढ़ यह सुविधा लागू करने वाले चुनिंदा राज्यों में शामिल हो गया है।
स्मार्ट-पीडीएस और नेटवर्क विहीन क्षेत्रों का डिजिटल समाधान
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग सार्वजनिक वितरण प्रणाली को पूरी तरह डिजिटल और सशक्त बनाने के लिए ‘स्मार्ट-पीडीएस’ योजना पर तेजी से काम कर रहा है:
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704 दुकानों को जोड़ने की तैयारी: प्रदेश में वर्तमान में 14,182 उचित मूल्य दुकानें संचालित हैं। इनमें से सुदूर व ग्रामीण इलाकों की 704 नेटवर्कविहीन दुकानों में अभी ऑफलाइन वितरण होता है, जिन्हें जल्द ही ऑनलाइन नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।
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भंडारण क्षमता में वृद्धि: राज्यभर में खाद्यान्न सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भंडारण गोदामों की क्षमता बढ़ाई जा रही है।
“वर्तमान में पायलट प्रोजेक्ट के तहत तीन बड़े शहरों में ग्रेन एटीएम शुरू किए गए हैं। चरणबद्ध तरीके से पूरे राज्य में इसका नेटवर्क फैलाया जाएगा ताकि तकनीक के जरिए हर जरूरतमंद तक पारदर्शी तरीके से राशन पहुंच सके।”— दयाल दास बघेल, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री, छत्तीसगढ़























