जशपुर:
जशपुर नगर में सोमवार को स्थानीय जैन समाज द्वारा जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी का 2625वां जन्म कल्याणक महोत्सव अत्यंत हर्षोल्लास, भारी उत्साह और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर पूरा नगर ‘त्रिशला नंदन वीर की, जय बोलो महावीर की’ के जयकारों से गुंजायमान रहा।
आचार्य श्री विवेक सागर जी महाराज का मिला सानिध्य
समारोह का विशेष आकर्षण परम पूज्य आचार्य गुरुवर श्री 108 विवेक सागर जी महाराज का मंगल सानिध्य रहा। महाराज श्री के कुशल मार्गदर्शन में सुबह से ही धार्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला प्रारंभ हो गया।

भक्तिमय प्रभात फेरी से हुई शुरुआत
महोत्सव का शुभारंभ प्रातः काल भव्य प्रभात फेरी के साथ हुआ। प्रभात फेरी में भारी संख्या में जैन श्रद्धालु शामिल हुए, जो हाथों में धर्म ध्वजा लिए भगवान महावीर के संदेशों का गुणगान कर रहे थे। इसके पश्चात जैन मंदिर में नित्य नियम पूजन किया गया, जहाँ समाज जनों ने अष्टद्रव्य से भगवान की पूजा-अर्चना की। विशेष अनुष्ठान के तहत भगवान महावीर की प्रतिमा का परम पवित्र जल से अभिषेक किया गया एवं विश्व शांति की कामना के साथ शांति धारा की गई।
रजत रथ पर निकली भव्य शोभायात्रा
दोपहर में महोत्सव अपने चरमोत्कर्ष पर पहुँचा, जब नगर में भगवान महावीर की भव्य शोभायात्रा (नगर भ्रमण) निकाली गई। भगवान महावीर की प्रतिमा को एक विशेष रूप से सजाए गए भव्य रजत रथ पर विराजमान किया गया।
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शोभायात्रा की सुंदरता देखते ही बन रही थी। अनुशासन और एकरूपता का परिचय देते हुए जैन समाज के पुरुष और युवा वर्ग पूर्णतः श्वेत (सफेद) परिधान में सुसज्जित थे, वहीं महिलाएँ केसरिया/पीले वस्त्रों में मंगल कलश धारण किए शामिल हुईं। बैंड-बाजों और ढोल-नगाड़ों की थाप पर भगवान महावीर की जय-जयकार करते हुए श्रद्धालु नृत्य कर रहे थे। शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से भ्रमण करती हुई पुनः जैन मंदिर पहुँची, जहाँ भगवान का पुनः अभिषेक और शांति धारा की गई।
सांस्कृतिक कार्यक्रम और भंडारा
श्रीसंघ महिला संगठन द्वारा रात्रि में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। समाज के बच्चों और महिलाओं द्वारा प्रस्तुत किए गए धार्मिक और संदेशपरक नाटकों एवं भजनों की प्रस्तुतियों ने उपस्थित सभी लोगों का मन मोह लिया।
महावीर जयंती के इस पावन अवसर पर जैन समाज द्वारा मंदिर के सामने एक विशाल भंडारे (साधुवाद) का भी आयोजन किया गया। इस भंडारे में भारी संख्या में नगर वासियों ने पहुँचकर प्रसाद ग्रहण किया और समाज जनों ने तन-मन-धन से सेवा की।
जैन समाज के अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों ने इस महोत्सव के सफल आयोजन के लिए सभी नगर वासियों और समाज जनों का आभार व्यक्त किया।
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