रायपुर:
छत्तीसगढ़ के सुदूर और ग्रामीण अंचलों में अधोसंरचना विकास को रफ्तार देने के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) अपने प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने जा रहा है। राज्य शासन ने विभाग के तहत 19 नए कार्यालयों और उनके जरूरी सेटअप को मंजूरी दे दी है। इस फैसले का मुख्य उद्देश्य बस्तर और सरगुजा संभाग सहित दूरस्थ क्षेत्रों में सड़क, भवन और पुल-पुलियों के निर्माण कार्यों की स्थानीय स्तर पर गुणवत्ता व प्रगति की सीधी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करना है।
स्वीकृत किए गए 19 दफ्तरों में 9 कार्यालय सेतु (ब्रिज) परिक्षेत्र और 10 कार्यालय भवन एवं सड़क विंग के अंतर्गत आते हैं।
सेतु परिक्षेत्र में 9 नए कार्यालय
पुल-पुलियों के निर्माण और समय पर मरम्मत के लिए सेतु परिक्षेत्र में निम्नलिखित दफ्तर खोले जाएंगे:
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अधीक्षण अभियंता कार्यालय: जगदलपुर
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कार्यपालन अभियंता कार्यालय: रायपुर (सेतु संभाग क्रमांक-दो)
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अनुविभागीय अधिकारी (SDO – सेतु उप संभाग) कार्यालय: बीजापुर, सुकमा, कोंडागांव, बालोद, मुंगेली, सारंगढ़ और बैकुंठपुर (कुल 7 उप संभाग)
भवन एवं सड़क विंग में 10 नए कार्यालय
सड़कों और शासकीय भवनों के निर्माण की देखरेख के लिए 1 संभाग और 9 उप संभाग कार्यालयों को मंजूरी मिली है:
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कार्यपालन अभियंता कार्यालय: बैकुंठपुर (कोरिया संभाग)
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अनुविभागीय अधिकारी (SDO – उप संभाग) कार्यालय: फरसगांव, ओरछा, डोंगरगांव, डौंडी, धमधा, आरंग, खड़गवां, सोनहत और बलौदाबाजार
स्थानीय स्तर पर निगरानी से बढ़ेगी रफ्तार
नक्सल प्रभावित और दूरस्थ अंचलों (जैसे ओरछा, बीजापुर, सुकमा और सोनहत) में विभागीय सेटअप तैयार होने से अधिकारियों को सीधे फील्ड पर मौजूद रहने में आसानी होगी। इससे परियोजनाओं की लेटलतीफी दूर होगी, कार्यों की गुणवत्ता सुधरेगी और विभागीय प्रक्रियाओं में कसावट आएगी।























