‘मिशन 31 मार्च’ की उल्टी गिनती शुरू: छत्तीसगढ़ से झारखंड तक नक्सलियों के खिलाफ सबसे बड़ी घेराबंदी; क्या 1 अप्रैल को नक्सल मुक्त होगा भारत?
रायपुर/रांची | 29 मार्च 2026
मार्च के आखिरी दिनों में देश के मौसम में एक बार फिर बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है और भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा सहित कई राज्यों में तेज आंधी व बेमौसम बारिश की गंभीर चेतावनी जारी की है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण एक द्रोणिका छत्तीसगढ़ से होते हुए तमिलनाडु तक फैली हुई है, जिसके चलते अगले 72 घंटों तक आसमान में बादलों का डेरा रहेगा और गरज-चमक के साथ वज्रपात की प्रबल संभावना बनी रहेगी। छत्तीसगढ़ में फिलहाल मौसम सामान्य बना हुआ है लेकिन रविवार से स्थितियां बदलने वाली हैं और प्रदेश में एक-दो स्थानों पर हल्की वर्षा के साथ 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के आसार हैं। आने वाले दो दिनों के भीतर राज्य के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि और वज्रपात का भी खतरा मंडरा रहा है, हालांकि राहत की बात यह है कि अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है जिससे चिलचिलाती गर्मी से कुछ राहत मिलेगी।
झारखंड में 30 और 31 मार्च को मौसम का सबसे उग्र रूप देखने को मिल सकता है जहाँ 31 मार्च को उत्तर-पश्चिमी हिस्सों को छोड़कर बाकी जिलों में 40 से 50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से आंधी चलने का अनुमान लगाया गया है। रांची, जमशेदपुर, धनबाद और बोकारो जैसे प्रमुख शहरों में मेघ गर्जन के साथ मध्यम दर्जे की बारिश हो सकती है और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने ‘येलो अलर्ट’ जारी कर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। बेमौसम की यह बारिश और ओलावृष्टि खड़ी फसलों के लिए काल साबित हो सकती है, इसलिए कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे खेतों में जल निकासी की तुरंत व्यवस्था करें और खलिहानों में रखे अनाज को तिरपाल से ढककर सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर दें। ओलावृष्टि से छोटे पौधों और नर्सरी को बचाने के लिए जाल का उपयोग करना फायदेमंद होगा।
हवाओं का यह तांडव केवल इन दो राज्यों तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि पश्चिम बंगाल, हिमाचल प्रदेश और ओडिशा में भी हवा की रफ्तार 60 किमी प्रति घंटा तक पहुँच सकती है। राजस्थान और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में धूल भरी आंधी चलने की भी संभावना जताई गई है जबकि 1 अप्रैल तक झारखंड के दक्षिणी हिस्सों में और 2 अप्रैल तक बिहार-ओडिशा सीमा से लगे इलाकों में हल्की बारिश का सिलसिला जारी रहने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें और वज्रपात की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर ही रहें।

