नई दिल्ली | शनिवार, 28 फरवरी 2026
खगोल विज्ञान में रुचि रखने वालों और आम लोगों के लिए आज की शाम बेहद खास होने वाली है। आज सूर्यास्त के ठीक बाद सौरमंडल के छह प्रमुख ग्रह—बुध, शुक्र, बृहस्पति, शनि, यूरेनस और नेपच्यून—आसमान में एक ही कतार में सजे हुए दिखाई देंगे। इस दुर्लभ खगोलीय घटना को वैज्ञानिकों ने ‘प्लेनेटरी परेड’ का नाम दिया है, जो भारत सहित दुनिया के कई हिस्सों में साफ देखी जा सकेगी।
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क्या होती है ‘प्लेनेटरी परेड’?
अक्सर लोगों के मन में यह सवाल होता है कि क्या अंतरिक्ष में ग्रह वास्तव में एक लाइन में खड़े हो जाते हैं? वैज्ञानिक दृष्टि से देखें तो अंतरिक्ष में ये ग्रह कभी भी एक सीधी रेखा में नहीं होते, बल्कि वे अपनी-अपनी कक्षाओं में सूर्य के चक्कर लगा रहे होते हैं। लेकिन पृथ्वी से देखने पर जब वे सूर्य के एक ही ओर एक निश्चित कोण पर आ जाते हैं, तो हमें वे एक कतार में सजे हुए नजर आते हैं। आज रात का नजारा भी कुछ ऐसा ही संरेखित (Align) होगा।

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नजारे का समय और देखने की सही दिशा
विशेषज्ञों के अनुसार, इस अद्भुत दृश्य को देखने का सबसे सटीक समय सूर्यास्त के लगभग 30 मिनट बाद शुरू होगा। दर्शकों को अपनी नजरें पश्चिम दिशा (Western Horizon) की ओर रखनी चाहिए। जैसे-जैसे शाम का धुंधलका बढ़ेगा, ग्रहों की चमक और स्पष्ट होती जाएगी। भारत के विभिन्न शहरों में रहने वाले लोग अपने घर की छतों या किसी बड़े खुले मैदान से इस दृश्य का आनंद ले सकते हैं, बशर्ते आसमान साफ हो और बादल न हों।
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बिना टेलीस्कोप के भी देख सकेंगे ये 4 ग्रह
इस खगोलीय घटना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि छह में से चार ग्रहों को देखने के लिए आपको किसी विशेष उपकरण या दूरबीन की आवश्यकता नहीं होगी।
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शुक्र (Venus): पश्चिमी क्षितिज के पास सबसे चमकीले पिंड के रूप में नजर आएगा।
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बुध (Mercury): यह भी क्षितिज के काफी पास होगा और शुक्र के आसपास ही देखा जा सकेगा।
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बृहस्पति (Jupiter): अपनी तेज चमक के कारण इसे पहचानना सबसे आसान होगा। यह दक्षिण दिशा में ओरियन नक्षत्र के पास दिखाई देगा।
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शनि (Saturn): यह भी अपनी स्थिर रोशनी के साथ कतार में शामिल रहेगा।
हालाँकि, यूरेनस और नेपच्यून को देखने के लिए अच्छी गुणवत्ता वाली दूरबीन या टेलीस्कोप की जरूरत पड़ेगी क्योंकि वे पृथ्वी से बहुत दूर और कम चमकदार हैं।
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ग्रह और तारे में अंतर कैसे करें?
आसमान में हजारों चमकती चीजों के बीच ग्रहों को पहचानना बहुत आसान है। एक साधारण सा नियम है: तारे टिमटिमाते हैं, जबकि ग्रह स्थिर रोशनी के साथ चमकते हैं। यदि आप किसी ऐसे पिंड को देखें जिसकी रोशनी लगातार बनी हुई है और वह टिमटिमा नहीं रहा, तो समझ जाइए कि वह कोई ग्रह है।
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NASA की चेतावनी और जरूरी सावधानियां
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा और खगोलविदों ने लोगों को सतर्क किया है कि वे सूर्य के पूरी तरह से डूब जाने के बाद ही आसमान की ओर देखें। सूरज की सीधी किरणों की ओर देखना आंखों की रोशनी के लिए बेहद घातक साबित हो सकता है। साथ ही, शहरों में रहने वाले लोग जहाँ लाइट और प्रदूषण ज्यादा होता है, वे किसी ऊंची इमारत की छत का चुनाव करें ताकि पश्चिमी आकाश का दृश्य पूरी तरह से साफ और रुकावट रहित मिल सके।
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