रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान आज स्कूल शिक्षा विभाग के विधायकों द्वारा उठाए गए विभिन्न सवालों का स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव जवाब सदन में दिया
सदन में जानकारी दी गई कि राज्य सरकार शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए पूरी गंभीरता से प्रयास कर रही है, जिसके परिणाम स्वरूप 1 मार्च 2025 से 31 जनवरी 2026 की संक्षिप्त अवधि के भीतर ही प्रदेश में 3,332 नए शिक्षकों की नियुक्तियां सफलतापूर्वक पूर्ण कर ली गई हैं।
अब ग्रामीण खुद संभालेंगे अपनी जल व्यवस्था:मार्च में मनेगा ‘जल महोत्सव’
युक्तियुक्तीकरण की प्रक्रिया को प्राथमिकता दी गई है, जिससे स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके। दुर्ग ग्रामीण क्षेत्र में इस प्रक्रिया के बाद अब केवल दो ही प्राथमिक शालाएं ऐसी बची हैं जहाँ एकल शिक्षक कार्यरत हैं, हालांकि दंतेवाड़ा जैसे दूरस्थ अंचलों के शिक्षक विहीन स्कूलों में नियमित नियुक्तियों के लिए सरकार ने अभी कोई निश्चित समय-सीमा निर्धारित नहीं की है।
छत्तीसगढ़ में होली पर शराब दुकानें रहेंगी बंद, सरकार ने घोषित किया ड्राई डे
सदन में रसोइयों और सफाई कर्मचारियों के मानदेय का मुद्दा भी प्रमुखता से गूँजा। शिक्षा मंत्री ने इस पर स्पष्ट किया कि वर्तमान में इन कर्मचारियों के मानदेय में 50 प्रतिशत की वृद्धि का कोई भी प्रस्ताव शासन के पास विचाराधीन नहीं है। साथ ही, हड़ताल के दौरान हुई रसोइयों की मृत्यु पर मुआवजे की मांग को खारिज करते हुए मंत्री ने कहा कि चूंकि ये मृत्यु धरना स्थल पर नहीं हुई हैं, इसलिए शासन द्वारा मुआवजे का कोई प्रावधान नहीं बनता है।
केंद्र सरकार की ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर बड़ी कार्रवाई
विभाग के भीतर प्रशासनिक पारदर्शिता और भ्रष्टाचार पर बात करते हुए मंत्री ने स्वीकार किया कि वर्ष 2022 से जनवरी 2026 के बीच कई जिला शिक्षा अधिकारियों के विरुद्ध गंभीर शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इन मामलों में विभाग द्वारा जाँच की कार्यवाही तो संचालित की जा रही है, लेकिन अब तक किसी भी दोषी अधिकारी से गबन या अनियमितता की राशि की वसूली नहीं की जा सकी है, जिसे लेकर सदन में तीखी चर्चा हुई।
ब ‘केरल’ का नाम बदलकर होगा ‘केरलम’, मोदी कैबिनेट ने दी मंजूरी
शिक्षा की गुणवत्ता और बुनियादी ढांचे पर प्रकाश डालते हुए मंत्री ने “मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान 2025-26” का उल्लेख किया, जिसके माध्यम से सरकारी स्कूलों को आधुनिक बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रदेश के 18,198 शिक्षक वर्तमान में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) जैसे गैर-शैक्षणिक कार्यों में संलग्न हैं, किंतु वे अपनी मूल संस्थाओं में रहकर ही यह कार्य कर रहे हैं जिससे छात्रों के अध्यापन पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ रहा है।
खत्म हुई स्कॉलरशिप की ‘बंदिशें’: अब श्रमिक परिवारों के होनहारों को मिलेगा दोहरा आर्थिक लाभ
अधोसंरचना के मोर्चे पर खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले की स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है जहाँ 10 स्कूल भवन विहीन हैं और बड़ी संख्या में भवन जर्जर अवस्था में हैं।जहाँ प्राथमिकता के आधार पर निर्माण कार्यों को गति दी जा रही है विभाग जेम (GeM) पोर्टल के माध्यम से सामग्री की खरीदी में पारदर्शिता के साथ कर रही है.
सवाल के जवाब में मंत्री ने बताया कि सत्र 2026-27 से नर्सरी कक्षाओं में आरटीई प्रवेश बंद करने के नीतिगत निर्णय लिया है और सुचारू पाठ्यपुस्तक वितरण प्रणाली की जानकारी साझा करते हुए मंत्री ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को वैश्विक मानकों के अनुरूप लाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
छत्तीसगढ़ में मोबाइल टावर लगाने के लिए अब पंचायतों और निकायों की NOC की जरूरत खत्म

