नई दिल्ली।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने देश की स्वास्थ्य व्यवस्था को पूरी तरह डिजिटल और सुगम बनाने के लिए कई बड़े और क्रांतिकारी कदम उठाए हैं। आम जनता तक बेहतर, पारदर्शी और सरल स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए मंत्रालय ने एक साथ कई डिजिटल प्लेटफॉर्म और जन-कल्याणकारी योजनाओं को लॉन्च किया है। इनमें ‘आयुष्मान सारथी’ चैटबॉट, ‘आरोग्य सेतु 2.0’ और ‘यूनिफाइड हेल्थ इंटरफेस’ (UHI) प्रमुख हैं।
इन योजनाओं की शुरुआत करते हुए स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि साल 2047 तक ‘विकसित भारत’ के निर्माण के लिए एक ‘स्वस्थ भारत’ का होना सबसे अहम कड़ी है। सरकार का लक्ष्य तकनीक के माध्यम से हर नागरिक तक इलाज की सुविधा को बेहद आसान बनाना है।
आयुष्मान सारथी: अब व्हाट्सएप पर मिलेंगी आयुष्मान योजना की सेवाएं
सरकार ने आयुष्मान भारत के लाभार्थियों के लिए ‘आयुष्मान सारथी’ नामक एक व्हाट्सएप चैटबॉट लॉन्च किया है। इसके जरिए अब लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने या हेल्पलाइन पर बार-बार कॉल करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह चैटबॉट 24 घंटे रियल-टाइम और सुरक्षित सेवाएं देगा।
इसके जरिए नागरिक घर बैठे निम्नलिखित काम कर सकेंगे:
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पात्रता और आवेदन: योजना के तहत अपनी पात्रता जांचना, आयुष्मान कार्ड के लिए आवेदन करना और उसे डाउनलोड करना।
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ई-केवाईसी और लिंकेज: ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी करना, पहचान दस्तावेजों को लिंक करना और अपने पीएम-जेएवाई (PM-JAY) कार्ड को लॉक या अनलॉक करना।
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वरिष्ठ नागरिकों को राहत: 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के बुजुर्गों के लिए ‘आयुष्मान वय वंदना कार्ड’ से संबंधित सभी सेवाएं इसके जरिए मिलेंगी।
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इलाज की हिस्ट्री और बैलेंस: मरीज अपने इलाज के लिए बचा हुआ बैलेंस और पुराने इलाज का इतिहास (History) देख सकेंगे।
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अस्पतालों की खोज व फीडबैक: अपने नजदीकी सूचीबद्ध अस्पतालों का पता लगाना, शिकायत दर्ज करके उसे ट्रैक करना, कॉलबैक का अनुरोध करना और अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद अपना फीडबैक देना भी अब व्हाट्सएप से संभव होगा।
आरोग्य सेतु 2.0: आपका पर्सनल डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड
कोविड काल में टीकाकरण में अहम भूमिका निभाने वाले ‘आरोग्य सेतु’ ऐप को अब बिल्कुल नए अवतार में पेश किया गया है। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत तैयार ‘आरोग्य सेतु 2.0’ अब एक उन्नत डिजिटल हेल्थ गेटवे के रूप में काम करेगा।
यह ऐप न सिर्फ व्यक्तिगत स्वास्थ्य रिकॉर्ड (Personal Health Records) को सुरक्षित रखेगा, बल्कि इसके जरिए नागरिक अपने स्वास्थ्य बीमा कवरेज और क्लेम (दावों) को भी ट्रैक कर सकेंगे। इसके माध्यम से आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाता यानी ‘आभा’ (ABHA ID) बनाने, स्वास्थ्य रिकॉर्ड का प्रबंधन करने और ‘स्कैन एंड शेयर’ सुविधा के जरिए अस्पतालों में सीधे डिजिटल पंजीकरण कराने की सुविधा मिलेगी।
यूनिफाइड हेल्थ इंटरफेस (UHI): एक क्लिक पर सब कुछ
डिजिटल हेल्थ इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने यूनिफाइड हेल्थ इंटरफेस (UHI) भी लॉन्च किया है। यह एक ऐसा इंटरऑपरेबल डिजिटल नेटवर्क है जो मरीजों को किसी एक विशेष एप्लिकेशन से बांधकर नहीं रखेगा। मरीज एक ही प्लेटफॉर्म से देश भर की सत्यापित स्वास्थ्य सेवाओं को खोज सकेंगे, डॉक्टरों के अपॉइंटमेंट बुक कर सकेंगे और डिजिटल नेटवर्क से जुड़ी अन्य चिकित्सा सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे।
स्वास्थ्य सुधार के लिए अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएं
डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के अलावा स्वास्थ्य मंत्री ने कई अन्य राष्ट्रीय नीतियों और गाइडलाइंस की भी शुरुआत की:
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राष्ट्रीय एम्बुलेंस सर्विस गाइडलाइंस: देश भर में आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को सुदृढ़ और मानकीकृत करने के लिए नई गाइडलाइंस जारी की गईं।
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सुमन रोडमैप: साल 2030 तक देश में मातृ एवं नवजात शिशु की मृत्यु दर में भारी कमी लाने और उनकी बेहतर देखभाल सुनिश्चित करने के लिए यह रोडमैप तैयार किया गया है।
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समग्र शिशु बाल स्वास्थ्य कल्याण: बच्चों के संपूर्ण विकास और स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए इस मिशन की रूपरेखा रखी गई।
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एनीमिया मुक्त भारत: देश को एनीमिया (खून की कमी) के संकट से उबारने के लिए चल रहे अभियान को और अधिक गति दी जाएगी।

