छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले अंतर्गत भोपालपट्टनम विकासखंड के रुद्रारम स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में छात्राओं के साथ कथित ‘बैड टच’ (छेड़छाड़) के संवेदनशील मामले में प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सीधे हस्तक्षेप और सख्त निर्देशों के बाद बीजापुर कलेक्टर विश्वदीप ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विद्यालय के प्राचार्य को तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया है। मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने और जांच प्रभावित न हो, इसके लिए प्राचार्य का प्रशासनिक प्रभार वाइस प्रिंसिपल को सौंप दिया गया है।
सीएम साय का सख्त निर्देश: ‘दोषी कोई भी हो, बख्शा नहीं जाएगा’
रविवार को यह गंभीर मामला मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के संज्ञान में आया, जिसके बाद उन्होंने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (SP) को व्यक्तिगत रूप से कड़ी जांच और त्वरित एक्शन के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आवासीय विद्यालयों में बालिकाओं की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जांच में दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कठोरतम वैधानिक कार्रवाई होगी।
7 छात्राओं ने कलेक्टर के सामने बयां किया था दर्द
विद्यालय में अध्ययनरत 7 पीड़ित छात्राओं ने एक साथ बीजापुर कलेक्टर विश्वदीप के समक्ष उपस्थित होकर कंप्यूटर शिक्षक की करतूतों की लिखित और मौखिक शिकायत दर्ज कराई थी। बालिकाओं की पीड़ा सुनने के बाद कलेक्टर ने तुरंत जिला स्तरीय जांच टीम गठित कर मामले की तहकीकात के आदेश दिए थे।
कंप्यूटर शिक्षक देवेंद्र दय्या पर POCSO व BNS में केस दर्ज, तलाश जारी
छात्राओं की शिकायत और प्रशासनिक रिपोर्ट के आधार पर भोपालपट्टनम थाना पुलिस ने एक्शन लेते हुए आरोपी कंप्यूटर शिक्षक देवेंद्र दय्या के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम, 2012 की सुसंगत धाराओं के तहत गैर-जमानती अपराध पंजीबद्ध कर लिया है:
FIR दर्ज होने की भनक लगते ही आरोपी शिक्षक फरार हो गया है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। प्राचार्य को हटाने के साथ ही जांच टीम अब यह भी पड़ताल कर रही है कि क्या छात्राओं ने इससे पूर्व भी प्रबंधन से कोई शिकायत की थी और क्या इस मामले को दबाने की कोशिश की गई थी।























