जन धन दर्शक ऐप के जरिए हुई बैंकिंग अवसंरचना की जीआईएस आधारित मैपिंग
केंद्र सरकार के वित्तीय समावेशन अभियान के तहत देश के ग्रामीण इलाकों में बैंकिंग सेवाओं का जाल बिछाने में ऐतिहासिक सफलता मिली है। नवीनतम आंकड़ों के अनुसार देश के 99.92 प्रतिशत आबाद गांवों में अब मात्र 5 किलोमीटर के दायरे में बैंकिंग सुविधाएं जैसे बैंक शाखा बैंक मित्र या इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक उपलब्ध हैं। विशेष रूप से दादरा एवं नगर हवेली केंद्र शासित प्रदेश ने इस मामले में शत प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया है।
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बैंकिंग सेवाओं की इस व्यापक उपलब्धता की निगरानी जन धन दर्शक (जेडीडी) ऐप नामक एक विशेष भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीआईएस) आधारित एप्लीकेशन के माध्यम से की जा रही है। बैंकों द्वारा इस ऐप पर अपलोड किए गए आंकड़ों से यह स्पष्ट हुआ है कि 06 मार्च 2026 तक देश का लगभग हर गांव बैंकिंग नेटवर्क से जुड़ चुका है। सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी नागरिक को बुनियादी बैंकिंग कार्यों के लिए लंबी दूरी तय न करनी पड़े।
हालांकि बैंकिंग विस्तार की इस राह में कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे की कमी के साथ साथ उपयुक्त परिसरों की अनुपलब्धता जैसी कुछ चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं। इन बाधाओं को दूर करने के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) के दिशा-निर्देशों के तहत बैंकिंग आउटलेट खोलना एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) और केंद्र शासित प्रदेश स्तरीय बैंकर्स समिति संबंधित राज्य सरकारों और हितधारक बैंकों के परामर्श से उन क्षेत्रों की पहचान कर रही हैं जहां अभी भी सुविधाएं पहुंचानी शेष हैं।
बैंक अपनी व्यावसायिक योजनाओं और आर्थिक व्यवहार्यता के आधार पर नए आउटलेट खोलने के प्रस्तावों पर विचार करते हैं। इसके लिए बैंकों द्वारा समय समय पर सर्वेक्षण भी किए जाते हैं ताकि बैंकिंग सेवाओं की पहुंच को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके। जन धन दर्शक ऐप ने इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और सटीक बना दिया है जिससे सरकार को भविष्य की योजनाओं के लिए सटीक डेटा मिल रहा है।

