मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 370 अत्याधुनिक एम्बुलेंसों को दी हरी झंडी

जगदलपुर/सुकमा

बस्तर संभाग के दक्षिण छोर पर स्थित सुकमा, दंतेवाड़ा और बीजापुर जिले आज अगर विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं, तो इसके पीछे पिछले 36 वर्षों का वह लंबा संघर्ष है जिसमें 1058 वीर जवानों ने देश की एकता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। वर्ष 1990 से अब तक चले इस नक्सल विरोधी अभियान में सुरक्षा बलों ने न केवल माओवादी हिंसा का सामना किया, बल्कि दुर्गम पहाड़ों और घने जंगलों की चुनौतियों को मात देकर बस्तर को सुरक्षित बनाया है।

प्रॉपर्टी टैक्स जमा करने की डेडलाइन बढ़ी : अब 30 अप्रैल तक बिना पेनल्टी के भुगतान का मौका

शहादत के आंकड़े बयां करते हैं संघर्ष की गंभीरता

आंकड़ों के अनुसार, बीजापुर जिला इस संघर्ष में सबसे अधिक प्रभावित रहा है, जहाँ छत्तीसगढ़ पुलिस के 329 और अर्धसैनिक बलों के 120 (कुल 449) जवानों ने शहादत दी। दंतेवाड़ा में पुलिस के 208 और सीआरपीएफ के 215 जवानों ने प्राणों की आहुति दी, वहीं सुकमा में पुलिस के 78 और सीआरपीएफ के 108 वीर सपूत शहीद हुए। बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने इन वीरों को नमन करते हुए कहा कि इन्हीं बलिदानों के कारण आज नक्सलवाद अपनी अंतिम सांसें गिन रहा है और क्षेत्र में आम नागरिकों का विश्वास बहाल हुआ है।

देश के 99 प्रतिशत से अधिक गांवों के पांच किलोमीटर के दायरे में उपलब्ध हैं बैंकिंग सुविधाएं

ताड़मेटला और मिनपा: कलेजा चीर देने वाली घटनाएं

बस्तर के इतिहास में 6 अप्रैल 2010 का दिन ‘ताड़मेटला हमले’ के रूप में दर्ज है, जिसे देश का सबसे बड़ा नक्सली हमला माना जाता है। इस घटना में सीआरपीएफ के डिप्टी कमांडेंट सत्यवान सहित 76 जवान शहीद हुए थे। इसके बाद 21 मार्च 2020 को मिनपा और बुरकापाल के जंगलों में हुए हमले में 17 जवानों ने 7 घंटे तक वीरता से लड़ते हुए वीरगति प्राप्त की। हाल ही में 9 जून 2025 को एएसपी आकाश राव गिरपुंजे की शहादत ने एक बार फिर सुरक्षा बलों के अटूट हौसले को दुनिया के सामने रखा, जिन्होंने घायल होने के बावजूद अंतिम सांस तक अपने साथियों का नेतृत्व किया।

कचरे से कंचन बनाएंगे भारतीय वैज्ञानिक और अब पुरानी बैटरियों के ग्रेफाइट से दौड़ेगी स्वच्छ ऊर्जा की गाड़ियाँ

विकास और सुरक्षा का अटूट संकल्प

न केवल सीधे संघर्ष में, बल्कि विकास कार्यों की सुरक्षा करते हुए भी हमारे जवानों ने लहू बहाया है। अक्टूबर 2018 में नीलावाया सड़क निर्माण की कवरेज करने आए मीडिया कर्मियों की सुरक्षा के दौरान एसआई रुद्रप्रताप सिंह और उनके साथी शहीद हुए, जिसमें एक मीडिया कर्मी की भी जान गई। अरनपुर और डोरेपारा जैसे क्षेत्रों में उप निरीक्षक संग्राम सिंह और निर्मल नेताम जैसे वीरों की वीरता आज भी सुरक्षा बलों को प्रेरणा देती है। अधिकारियों का मानना है कि इन जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा और जल्द ही बस्तर पूरी तरह नक्सल मुक्त होकर खुशहाली की राह पर दौड़ेगा।

1 अप्रैल से बदल रहे हैं ट्रेन, बैंकिंग, टैक्स, पेंशन बीमा और निवेश के नियम, जानिए क्या हुआ सस्ता और क्या महंगा

Share.

About Us

CG NOW एक भरोसेमंद और निष्पक्ष न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो आपको छत्तीसगढ़, भारत और दुनिया भर की ताज़ा, सटीक और तथ्य-आधारित खबरें प्रदान करता है। हमारी प्राथमिकता है जनता तक सही और निष्पक्ष जानकारी पहुँचाना, ताकि वे हर पहलू से जागरूक और अपडेटेड रहें।

Contact Us

Syed Sameer Irfan
📞 Phone: 94255 20244
📧 Email: sameerirfan2009@gmail.com
📍 Office Address: 88A, Street 5 Vivekanand Nagar, Bhilai 490023
📧 Email Address: cgnow.in@gmail.com
📞 Phone Number: 94255 20244

© 2025 cgnow.in. Designed by Nimble Technology.

error: Content is protected !!
Exit mobile version