भारत के कैब-हेलिंग बाजार में एक नया और तेजी से उभरता नाम सामने आया है। केंद्र सरकार समर्थित ‘भारत टैक्सी’ एप ने लॉन्च के कुछ ही दिनों में बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है। सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड द्वारा संचालित इस एप को ओला और उबर जैसे निजी प्लेटफॉर्म्स के मजबूत विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है।
सहकारिता मंत्रालय द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की गई जानकारी के मुताबिक, भारत टैक्सी एप पर अब तक **4 लाख से अधिक यूजर्स रजिस्ट्रेशन** करा चुके हैं। खास बात यह है कि बीते दो दिनों में ही रोजाना **40 से 45 हजार नए यूजर्स** इस एप से जुड़ रहे हैं। गूगल प्ले स्टोर पर यह एप 9वें और एपल एप स्टोर पर 13वें स्थान पर पहुंच चुका है। वहीं, ड्राइवरों के लिए बनाया गया एप भी प्ले स्टोर पर टॉप 20 में शामिल हो गया है, जो ड्राइवरों की बढ़ती रुचि को दर्शाता है।
‘सहकार से समृद्धि’ के विजन का हिस्सा
भारत टैक्सी एप, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में चल रहे ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘सहकार से समृद्धि’ अभियान का हिस्सा है। मंत्रालय के अनुसार यह फिलहाल शुरुआती चरण में है और जल्द ही इसका राष्ट्रव्यापी विस्तार किया जाएगा।
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यूजर्स के लिए क्या है खास
भारत टैक्सी एप एंड्रॉयड और आईओएस दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। इसका इंटरफेस सरल रखा गया है, जिससे पहली बार इस्तेमाल करने वाले यूजर्स को भी कैब बुक करने में आसानी हो। एप के जरिए कैब बुकिंग के साथ-साथ मेट्रो टिकट बुकिंग और 12 घंटे तक की कैब रेंटल सुविधा भी दी जा रही है।
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एप में **पुलिस कॉल, इमरजेंसी कॉन्टैक्ट अलर्ट और सायरन** जैसे फीचर्स शामिल किए गए हैं। सभी ड्राइवरों का पुलिस सत्यापन किया गया है। वहीं, रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया भी बेहद आसान रखी गई है।
ड्राइवर-फर्स्ट मॉडल से बदलेगा खेल
भारत टैक्सी की सबसे बड़ी खासियत इसका **ड्राइवर-फर्स्ट मॉडल** है। कंपनी का दावा है कि वह ड्राइवरों से कोई कमीशन नहीं लेती। यानी, यात्री द्वारा दिया गया पूरा किराया सीधे ड्राइवर को मिलेगा। इसके अलावा भविष्य में एयरपोर्ट और प्रमुख स्थानों पर अलग पिक-अप और ड्रॉप पॉइंट विकसित करने की योजना भी है।
कुछ शुरुआती चुनौतियां भी
हालांकि, शुरुआत में कुछ तकनीकी दिक्कतें भी सामने आई हैं। कुछ यूजर्स का कहना है कि किराया हर बार अन्य प्लेटफॉर्म से कम नहीं होता और एसी-नॉन एसी कैब के किराए में अंतर स्पष्ट नहीं है। बावजूद इसके, सरकारी समर्थन और तेजी से बढ़ते यूजर बेस को देखते हुए माना जा रहा है कि आने वाले समय में इन कमियों को दूर कर लिया जाएगा। कुल मिलाकर, भारत टैक्सी ने कम समय में जिस तरह बाजार में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है, उससे साफ है कि आने वाले दिनों में यह ओला-उबर के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है।
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