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जयपुर/नई दिल्ली | 17 फरवरी, 2026
दिल्ली में चल रहे ग्लोबल एआई (AI) समिट के बीच आज राजस्थान के जयपुर से भारतीय कृषि के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की मौजूदगी में एआई-आधारित “भारत-VISTAAR” (फेज-1) योजना का विधिवत शुभारंभ किया। कार्यक्रम के दौरान न केवल नई तकनीक का अनावरण हुआ, बल्कि राजनीति के मैदान में भी तीखे तीर चले।
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किसानों को मिले सटीक जवाब
कार्यक्रम का सबसे प्रभावशाली पल वह था जब किसानों के बीच ‘AI-भारती’ ने अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन किया। खेती-किसानी से जुड़े जटिल सवालों के जिस तरह से इस एआई-सिस्टम ने संतुष्टिजनक जवाब दिए, उसने वहां मौजूद विशेषज्ञों और किसानों को हैरान कर दिया।
“पूछो और सीधे जवाब पाओ” – 155261 नंबर बना साथी
योजना की खूबियों पर प्रकाश डालते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अब किसानों को जानकारी के लिए भटकना नहीं होगा।किसान अब 155261 नंबर डायल कर सीधे अपनी भाषा में समस्या का समाधान पा सकेंगे।फिलहाल हिंदी और अंग्रेजी में शुरू हुई यह सेवा जल्द ही 11 अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध होगी। यह सिस्टम मंडी भाव, मौसम की जानकारी (IMD) और सरकारी योजनाओं को एक ही प्लेटफॉर्म पर समेटता है। साथ ही, अब हर किसान का एक डिजिटल किसान पहचान पत्र भी बनाया जा रहा है।
तकनीकी लॉन्च के साथ-साथ श्री शिवराज सिंह चौहान ने विपक्षी दलों, विशेषकर श्री राहुल गांधी को जमकर घेरा। उन्होंने यूपीए सरकार के दौरान कृषि क्षेत्र में हुई “अनियमितताओं” पर सवाल उठाते हुए पूछा:
> “राहुल गांधी जवाब दें कि जब स्वामीनाथन कमेटी ने लागत पर 50% मुनाफे की सिफारिश की थी, तो यूपीए सरकार ने उसे मानने से इनकार क्यों किया?”
उन्होंने 2009-10 के दौर का हवाला देते हुए कहा कि उस समय देश का गरीब 20 रुपये किलो आटा खरीदने को मजबूर था, जबकि सरकार प्रतिबंध के बावजूद 12.51 रुपये की दर से आटा बाहर निर्यात कर रही थी। उन्होंने पीएम मोदी के ‘राशन मॉडल’ को गरीब कल्याण का सबसे बड़ा उदाहरण बताया।
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विकसित किसान ही बनाएंगे विकसित भारत
राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि वर्ष 2047 के विकसित भारत के संकल्प में किसान की भूमिका सबसे अहम होगी। उन्होंने ‘भारत-VISTAAR’ को आत्मनिर्भर किसान की दिशा में एक बड़ा कदम बताया, जिससे मृदा परीक्षण से लेकर खाद-पानी की जानकारी मोबाइल पर ही उपलब्ध होगी।
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इस अवसर पर केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री श्री भागीरथ चौधरी, सचिव श्री देवेश चतुर्वेदी, ICAR के महानिदेशक डॉ. एम. एल. जाट और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए विभिन्न राज्यों के कृषि मंत्रियों ने भी इस ऐतिहासिक पल में शिरकत की।
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