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जशपुर। जिले के शिक्षकों के लिए शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि अब वेतन केवल ई-अटेंडेंस के आधार पर ही दिया जाएगा। यह व्यवस्था सिर्फ नवंबर महीने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि आगे आने वाले सभी महीनों में भी इसी नियम के तहत वेतन भुगतान होगा। विभाग का कहना है कि अब केवल स्कूल पहुंचना ही नहीं, बल्कि पूरे कार्यकाल के दौरान उपस्थिति दर्ज कराना अनिवार्य होगा।

दरअसल नवंबर महीने में ई-अटेंडेंस के आधार पर वेतन दिए जाने के बाद बड़ी संख्या में शिक्षकों का वेतन आंशिक या पूरा रुक गया था। उस समय कई शिक्षकों को यह लगा था कि यह व्यवस्था केवल एक महीने के लिए लागू की गई है, लेकिन अब शिक्षा विभाग ने स्थिति साफ कर दी है कि यह नियम स्थायी रूप से लागू रहेगा। इसके बाद से ही स्कूलों में उपस्थिति को लेकर गंभीरता बढ़ी है।

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शुरुआत में जिले में ई-अटेंडेंस की स्थिति काफी कमजोर रही। बड़ी संख्या में शिक्षक समय पर लॉग इन नहीं कर रहे थे और न ही तय समय पर लॉग आउट हो रहा था। लेकिन वेतन रुकने के बाद हालात तेजी से बदले हैं। अब स्थिति यह है कि लगभग 90 प्रतिशत शिक्षक और शाला प्रभारी नियमित रूप से ई-अटेंडेंस दर्ज कर रहे हैं। वहीं अतिथि शिक्षकों की उपस्थिति 93 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। शिक्षा विभाग का दावा है कि अब केवल 10 प्रतिशत शिक्षक ही ऐसे हैं जो अभी भी ऑनलाइन उपस्थिति नहीं लगा रहे हैं।

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दिसंबर महीने का वेतन नजदीक आते ही शिक्षकों में सतर्कता और बढ़ गई है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि अब स्कूलों में उपस्थिति पहले की तुलना में कहीं बेहतर हो गई है और शिक्षक समय पर स्कूल पहुंचकर निर्धारित समय तक ड्यूटी निभा रहे हैं। नवंबर में वेतन रुकने के बाद शिक्षकों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद उन्होंने ई-अटेंडेंस को गंभीरता से लेना शुरू किया।

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शिक्षा विभाग ने 13 दिसंबर को आदेश जारी कर यह भी कहा था कि जो शिक्षक नियमित रूप से ई-अटेंडेंस लगाते हुए लिखित घोषणा पत्र जमा करेंगे, उनका रोका गया वेतन जारी किया जाएगा। हालांकि अब तक सभी शिक्षकों ने यह घोषणा पत्र नहीं दिया है। कई स्कूलों में अभी भी आधे से कम शिक्षकों के घोषणा पत्र पहुंचे हैं। जिन शिक्षकों के दस्तावेज पूरे हो रहे हैं, उनके वेतन से जुड़े बिल कोषालय भेजे जा रहे हैं।

जिला शिक्षा अधिकारियों का कहना है कि अब आगे किसी भी माह में बिना ई-अटेंडेंस के वेतन नहीं मिलेगा। लोक शिक्षण संचालनालय और जिला प्रशासन दोनों ही इस व्यवस्था पर लगातार नजर रखे हुए हैं। विभाग का उद्देश्य शिक्षकों को परेशान करना नहीं, बल्कि स्कूलों में नियमित उपस्थिति और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है।शिक्षा विभाग को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में जिले के सभी शिक्षक ई-अटेंडेंस व्यवस्था से जुड़ जाएंगे और स्कूलों में शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित हो सकेगी।
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