छत्तीसगढ़ में लंबे समय से निष्क्रिय पड़े बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत की खबर है। बिजली वितरण कंपनी ने बकायादार उपभोक्ताओं की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए ‘समाधान योजना’ लागू की है। इस योजना के तहत वर्षों से लंबित बिजली बिल का भुगतान आसान बनाया गया है, जिससे बकाया चुकाने के बाद उपभोक्ता अपनी संपत्ति पर दोबारा नया बिजली कनेक्शन प्राप्त कर सकेंगे।
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बिजली वितरण कंपनी के प्रबंध निदेशक भीम सिंह कंवर ने बताया कि प्रदेश में लगभग 2 लाख 76 हजार ऐसे उपभोक्ता हैं, जिनके कनेक्शन विभिन्न कारणों से निष्क्रिय हो चुके हैं और जिन पर करीब 175 करोड़ रुपये की बकाया राशि लंबित है। उन्होंने बताया कि नियमों के तहत बिल बकाया होने पर पहले नोटिस जारी किया जाता है, फिर कनेक्शन काटा जाता है और भुगतान नहीं होने की स्थिति में मीटर भी निकाल लिया जाता है। ऐसे मामलों में संबंधित संपत्ति पर तब तक नया कनेक्शन नहीं दिया जाता, जब तक पुराना बकाया जमा न हो जाए।
कई प्रकरणों में उपभोक्ता की मृत्यु हो चुकी है या संपत्ति का स्वामित्व बदल चुका है, जिससे बकाया वसूली की प्रक्रिया जटिल हो जाती है। इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए ‘समाधान योजना’ शुरू की गई है। योजना के तहत नवीन मीटर रीडर व्यवस्था में कार्यरत अधिकृत मीटर रीडर निष्क्रिय उपभोक्ताओं से संपर्क कर बकाया राशि जमा कराने में सहयोग करेंगे।
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बकाया राशि की वसूली पर मीटर रीडरों को प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। वसूली गई रकम का 10 से 15 प्रतिशत तक प्रोत्साहन निर्धारित किया गया है। वितरण केंद्रों द्वारा निष्क्रिय उपभोक्ताओं की प्रमाणिक सूची मीटर रीडरों को सौंपी जाएगी। नियमित मीटर रीडिंग के बाद हर माह 15 तारीख से बकाया वसूली का कार्य शुरू किया जाएगा। यदि किसी उपभोक्ता को बिल में त्रुटि प्रतीत होती है तो मीटर रीडर आवश्यक दस्तावेजों के साथ बिल सुधार की प्रक्रिया में भी सहयोग करेंगे।
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बकाया राशि जमा होने के बाद सिस्टम से जनरेट रिपोर्ट के आधार पर संबंधित कार्यपालन अभियंता द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार मीटर रीडरों को प्रोत्साहन राशि का भुगतान किया जाएगा। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि वसूली कार्य के दौरान अधिकृत मीटर रीडर को विभागीय पहचान पत्र रखना अनिवार्य होगा। ‘समाधान योजना’ से न केवल उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी, बल्कि बिजली वितरण कंपनी की बकाया वसूली में भी तेजी आने की उम्मीद है।

