जशपुर। महिला एवं बाल विकास विभाग में गुरुवार को उस समय हड़कंप मच गया जब अंबिकापुर से पहुंची एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए विभाग के सहायक ग्रेड-2 गिरीश कुमार वारे को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई कार्यालय परिसर में ही की गई, जिससे पूरे विभाग में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
छत्तीसगढ़ अपार आईडी निर्माण में देश में अव्वल: 88.63 प्रतिशत विद्यार्थियों की अपार आईडी तैयार
प्राप्त जानकारी के अनुसार दोकड़ा में पदस्थ भृत्य योगेश शांडिल्य का स्थानांतरण लोदाम किया गया था। इस स्थानांतरण के एवज में आरोपी सहायक ग्रेड-2 द्वारा उससे 80 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की गई थी। पीड़ित कर्मचारी पहले ही 30 हजार रुपये दे चुका था, जबकि शेष राशि को लेकर लगातार दबाव बनाया जा रहा था।
बताया जा रहा है कि जब पीड़ित ने बाकी रकम देने में असमर्थता जताई तो आरोपी ने उसकी मोटरसाइकिल अपने कब्जे में रख ली। इससे परेशान होकर पीड़ित कर्मचारी ने पूरे मामले की शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो से की।
शिकायत का सत्यापन होने के बाद एसीबी की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। गुरुवार को जैसे ही पीड़ित कर्मचारी बकाया 40 हजार रुपये लेकर महिला एवं बाल विकास विभाग कार्यालय पहुंचा और आरोपी को राशि सौंपी, एसीबी टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे रिश्वत की रकम के साथ रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
नाबालिक बालिका को भगा, शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करना पड़ा महंगा, तेलंगाना से ढूंढ लाई, नाबालिक बालिका व आरोपी को जशपुर पुलिस
कार्रवाई के बाद आरोपी से पूछताछ की जा रही है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। इस घटना ने एक बार फिर सरकारी दफ्तरों में व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर कर दिया है। एसीबी की इस कार्रवाई से विभागीय कर्मचारियों में खलबली मची हुई है और मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

