नई दिल्ली / रायपुर: केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने बजट 2026-27 में भारत को दुनिया का ‘टूरिज्म पावरहाउस’ और ‘मेडिकल हब’ बनाने के लिए क्रांतिकारी घोषणाएं की हैं। बजट में चिकित्सा पर्यटन (Medical Tourism) और सांस्कृतिक विरासत को केंद्र में रखते हुए रोजगार सृजन का एक व्यापक रोडमैप पेश किया गया है।
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1. चिकित्सा पर्यटन: पांच क्षेत्रीय चिकित्सा केंद्रों की सौगात
भारत को ग्लोबल मेडिकल हब बनाने के लिए राज्यों की सहायता से पांच क्षेत्रीय चिकित्सा केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
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एकीकृत सुविधाएं: इन केंद्रों में चिकित्सा, शिक्षा और अनुसंधान (Research) एक ही छत के नीचे होंगे।
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आयुष और पुनर्वास: यहाँ आयुष केंद्र, जांच सुविधाएं और उपचार के बाद की देखभाल (Rehab) की सुविधा मिलेगी।
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रोजगार: इससे डॉक्टरों के साथ-साथ पैरामेडिकल स्टाफ और स्वास्थ्य क्षेत्र के पेशेवरों के लिए रोजगार के लाखों अवसर पैदा होंगे।
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2. पर्यटन और आतिथ्य: ‘नेशनल हॉस्पिटैलिटी इंस्टीट्यूट’ की स्थापना
पर्यटन क्षेत्र को एक उद्योग के रूप में मजबूत करने के लिए वित्त मंत्री ने बड़े प्रस्ताव रखे हैं:
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राष्ट्रीय आतिथ्य संस्थान (National Institute of Hospitality): नेशनल काउंसिल फॉर होटल मैनेजमेंट को उन्नत कर इस संस्थान की स्थापना होगी, जो सरकार और उद्योगों के बीच सेतु बनेगा।
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हाई-टेक गाइड: 20 प्रमुख पर्यटन स्थलों पर 10,000 गाइडों को IIM के सहयोग से 12 सप्ताह का उच्च गुणवत्ता वाला प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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डिजिटल नॉलेज ग्रिड: सांस्कृतिक और आध्यात्मिक स्थलों का डिजिटल दस्तावेजीकरण होगा, जिससे कंटेंट क्रिएटर्स और शोधकर्ताओं को रोजगार मिलेगा।
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3. ‘एडवेंचर और इको-टूरिज्म’ का नया अनुभव
प्रकृति प्रेमियों के लिए बजट में विशेष ‘ट्रेल’ (रास्ते) विकसित करने का प्रस्ताव है:
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पहाड़ी और तटीय सर्किट: हिमाचल, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के अलावा ईस्टर्न घाट (अराकू घाटी) और वेस्टर्न घाट में ट्रेकिंग सुविधाएं विकसित होंगी।
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टर्टल ट्रेल व पक्षी विहार: केरल, कर्नाटक और ओडिशा में तटीय पर्यटन तथा तमिलनाडु-आंध्र में पुलिकट झील जैसे पक्षी विहारों को संवारा जाएगा।
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4. विरासत का संरक्षण: 15 पुरातात्विक स्थलों का कायाकल्प
धौलावीरा, राखीगढ़ी, सारनाथ, हस्तिनापुर और लेह पैलेस जैसे 15 प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों को जीवंत पर्यटन केंद्रों के रूप में विकसित किया जाएगा।
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वॉक-वे और स्टोरीटेलिंग: खुदाई वाले स्थलों (Excavated sites) को जनता के लिए वॉक-वे के माध्यम से खोला जाएगा, जहाँ आधुनिक तकनीक से इतिहास की ‘कहानी’ सुनाई जाएगी।
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5. पूर्वोदय और बुद्ध सर्किट पर विशेष जोर
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पूर्वोदय विकास: पांच पूर्वोदय राज्यों में 5 पर्यटन स्थलों का विकास और 4000 ई-बसों का संचालन किया जाएगा।
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बुद्ध सर्किट: अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, असम, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में मठों के संरक्षण और तीर्थ सुविधाओं के लिए विशेष योजना शुरू होगी।
छत्तीसगढ़ के लिए क्या है खास? (Contextual Benefit)
हालांकि इन योजनाओं का स्वरूप राष्ट्रीय है, लेकिन ईस्टर्न घाट (अराकू घाटी) से सटे होने और समृद्ध बौद्ध विरासत (सिरपुर) के कारण छत्तीसगढ़ को इन योजनाओं से बड़ा लाभ मिल सकता है। राज्य के गाइडों को राष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण और चिकित्सा केंद्रों के माध्यम से स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की प्रबल संभावना है।
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