नई दिल्ली: वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने संसद में ‘कर्तव्य’ भाव के साथ बजट 2026-27 पेश किया। इस बजट का मुख्य फोकस कर व्यवस्था का सरलीकरण (Simplification) और नियमों को अधिक पारदर्शी बनाना है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि 1 अप्रैल 2026 से नया आयकर अधिनियम प्रभावी हो जाएगा, जो पुराने जटिल नियमों की जगह लेगा।
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1. आयकर का नया चेहरा: सरल फॉर्म और नया कानून
करदाताओं की मुश्किलों को कम करने के लिए बजट में ‘आयकर अधिनियम 2025’ को मंजूरी दी गई है।
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सरल फॉर्म: अब इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फॉर्म को नए सिरे से डिजाइन किया गया है, ताकि आम नागरिक बिना किसी विशेषज्ञ की मदद के इसे आसानी से समझ और भर सकें।
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तैयारी का समय: नए नियमों को समय से पहले अधिसूचित किया जाएगा ताकि जनता इनके लिए तैयार हो सके।
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2. शेयर बाजार और प्रमोटर्स पर लगाम (STT और Buyback)
निवेशकों और प्रमोटर्स के लिए बजट में कुछ कड़े प्रावधान किए गए हैं:
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बायबैक पर टैक्स: प्रमोटरों द्वारा बायबैक के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए अब इसे ‘पूंजीगत लाभ’ (Capital Gains) माना जाएगा। कॉर्पोरेट प्रमोटरों के लिए प्रभावी कर 22% और गैर-कॉर्पोरेट प्रमोटरों के लिए 30% होगा।
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शेयर बाजार (STT): वायदा सौदों (Futures) पर एसटीटी 0.02% से बढ़ाकर 0.05% कर दिया गया है। वहीं ऑप्शंस (Options) पर भी टैक्स की दरों में बढ़ोतरी की गई है, जिससे ट्रेडिंग महंगी होगी।
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3. छत्तीसगढ़ के लिए विशेष राहत: तेंदूपत्ता और खनिज पर TCS घटा
छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों के लिए एक बड़ी खबर यह है कि सरकार ने तेंदूपत्ता पर टीसीएस (TCS) की दर 5% से घटाकर 2% कर दी है। इसके अलावा:
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शराब, स्क्रैप और खनिजों के विक्रेताओं के लिए भी टीसीएस को तर्कसंगत बनाकर 2% किया गया है।
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इससे वनोपज और खनिज व्यवसाय से जुड़े छोटे व्यापारियों और संग्राहकों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा।
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बजट के अन्य प्रमुख कर प्रस्ताव
| विषय | नया नियम/दर |
| MAT (मैट दर) | 15% से घटाकर 14% की गई। |
| विदेश पैसा भेजना (LRS) | ₹10 लाख से अधिक पर: शिक्षा/इलाज हेतु 2%, अन्य हेतु 20% टीसीएस। |
| लेखांकन (Accounting) | कर वर्ष 2027-28 से पृथक लेखांकन अपेक्षाएं समाप्त होंगी। |
| मैट-क्रेडिट | अब केवल नई कर व्यवस्था (New Regime) में ही समायोजन की अनुमति। |
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प्रधानमंत्री के विजन को आगे बढ़ाते हुए, भारतीय ऑडिटिंग और कंसल्टेंसी फर्मों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए नियमों में बदलाव किया गया है। लेखाकार (Accountant) की परिभाषा को तर्कसंगत बनाया गया है ताकि स्वदेशी फर्में दुनिया में अग्रणी बन सकें।
यह बजट स्पष्ट संदेश देता है कि सरकार कर चोरी रोकने के लिए सख्त है, लेकिन ईमानदार करदाताओं के लिए प्रक्रियाओं को आसान बनाने के प्रति वचनबद्ध है।
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