पॉक्सो मामलों के निपटारे में छत्तीसगढ़ देश में अव्वल, 2025 में अदालतों ने दिखाई तेजी
नई दिल्ली। आगामी जनगणना को लेकर केंद्र सरकार ने नागरिकों और जनगणना कर्मचारियों दोनों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त कार्यालय ने जनगणना अधिनियम 1948 और संशोधित जनगणना नियमों के तहत अधिसूचना जारी करते हुए कहा है कि जनगणना के दौरान प्रत्येक नागरिक का यह कानूनी दायित्व होगा कि वह जनगणना अधिकारियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का सही और पूर्ण उत्तर दे।
अधिसूचना के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर गलत जानकारी देता है या सवालों का उत्तर देने से इनकार करता है, तो उसके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा सकती है। इसके साथ ही जनगणना के लिए घरों के बाहर लगाए गए चिन्हों, अंकों या संकेतों को हटाने, मिटाने या नुकसान पहुंचाने वालों पर भी कानून के तहत कार्रवाई होगी।
ECINet एप: निर्वाचन आयोग की नई डिजिटल पहल, 10 जनवरी तक नागरिक दे सकेंगे सुझाव
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जनगणना स्टाफ को किसी प्रकार की मनमानी की छूट नहीं होगी। यदि कोई कर्मचारी जानबूझकर अनुचित प्रश्न करता है, गलत ब्यौरा तैयार करता है या जनगणना प्रक्रिया में गड़बड़ी करता है, तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों को नियमों की पूरी जानकारी दी जाएगी और पहले चरण के लिए निर्धारित प्रश्नावली भी उपलब्ध कराई जाएगी, जिसकी अधिसूचना जल्द जारी होने की संभावना है।
महत्वपूर्ण बात यह है कि जनगणना के दौरान नागरिकों के अधिकारों का भी ध्यान रखा गया है। किसी भी व्यक्ति को अपने परिवार की महिला सदस्य का नाम बताने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। कोई भी महिला अपने पति या मृत पति का नाम बताने के लिए विवश नहीं होगी। हालांकि, किसी गृह, परिसर या अन्य स्थान का उपयोग करने वाले व्यक्ति को जनगणना अधिकारियों को प्रवेश देने और आवश्यक चिन्ह या अक्षर लगाने की अनुमति देनी होगी।
AIIMS में इलाज के नियम बदले: ऑनलाइन अपॉइंटमेंट और रेफरल मरीजों को मिलेगी प्राथमिकता
अधिसूचना में यह भी कहा गया है कि जनगणना अभिलेख पूरी तरह गोपनीय रहेंगे। किसी भी नागरिक को जनगणना अधिकारियों द्वारा तैयार किए गए रजिस्टर या अभिलेखों का निरीक्षण करने का अधिकार नहीं होगा। यदि कोई व्यक्ति जनगणना कार्यालय में जबरन प्रवेश करता है, तो वह दंड का भागी होगा। इसी तरह, यदि कोई जनगणना कर्मचारी दस्तावेजों को छिपाने, नष्ट करने या नुकसान पहुंचाने का प्रयास करता है, तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
CUET UG 2026 के लिए आवेदन शुरू 11 से 31 मई के बीच होगी परीक्षा, 30 जनवरी तक भरें फॉर्म
सरकार के अनुसार, इस वर्ष से जनगणना का पहला चरण शुरू होना है और इसकी तैयारियां पूरे देश में चल रही हैं। इन नियमों का उद्देश्य जनगणना प्रक्रिया को पारदर्शी, निष्पक्ष और विश्वसनीय बनाना है, ताकि देश की जनसंख्या से जुड़े आंकड़े सही और सटीक रूप में सामने आ सकें।

