छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के तहत आज, 17 मार्च 2026 को सदन की कार्यवाही विधायी और वित्तीय कार्यों के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण होने वाली है। दिन की शुरुआत वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी द्वारा पटल पर रखे जाने वाले महत्वपूर्ण वित्तीय प्रतिवेदनों से होगी, जिसमें भारत के नियंत्रक महालेखापरीक्षक (CAG) की वर्ष 2024-25 की रिपोर्ट शामिल है। इसके साथ ही सरकार चालू वित्तीय वर्ष की तीसरी तिमाही की आय-व्यय समीक्षा भी सदन के सामने रखेगी, जिससे राज्य की आर्थिक सेहत का लेखा-जोखा स्पष्ट होगा।
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सदन में आज ध्यानाकर्षण सूचनाओं के माध्यम से जनहित के मुद्दों पर भी सरकार को घेरा जाएगा। विधायक कुंवर सिंह निषाद गुण्डरदेही क्षेत्र में पुलिया निर्माण में हो रही देरी का मुद्दा उठाएंगे, जबकि विधायक ललित चंद्राकर कामकाजी महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े ‘आंतरिक शिकायत समिति’ के गठन की अनिवार्य स्थिति पर महिला एवं बाल विकास मंत्री से जवाब मांगेंगे। यह मुद्दा कार्यस्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाता है।
विधायी कार्यों की कड़ी में आज तीन नए संशोधन विधेयक सदन में पेश किए जाएंगे। राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ‘छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता (संशोधन) विधेयक’ पेश करेंगे, वहीं श्री ओ.पी. चौधरी नगर तथा ग्राम निवेश और गृह निर्माण मंडल से जुड़े संशोधन विधेयक प्रस्तुत करेंगे। सबसे महत्वपूर्ण क्षण वह होगा जब उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ‘छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य (संशोधन) विधेयक’ पर राज्यपाल के संदेश के साथ पुनर्विचार का प्रस्ताव रखेंगे, जो राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
दोपहर के सत्र में सदन का पूरा ध्यान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के विभागों से संबंधित अनुदान मांगों पर केंद्रित रहेगा। सामान्य प्रशासन, खनिज, ऊर्जा और जनसम्पर्क जैसे 13 भारी-भरकम विभागों के लिए बजट आवंटन पर करीब 2 घंटे तक बहस चलेगी। इसके अलावा, बीजापुर में सड़क चौड़ीकरण, कोण्डागांव में जिला अस्पताल के उन्नयन और सामरी में जनजातीय कन्या छात्रावास खोलने जैसी महत्वपूर्ण याचिकाएं भी सदन की मेज पर होंगी, जो बस्तर और सरगुजा जैसे दूरस्थ अंचलों की विकास संबंधी प्राथमिकताओं को रेखांकित करती हैं।
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