रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत लंबित किस्तों को लेकर सरकार ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है। विधायक इंद्र साव द्वारा पूछे गए सवाल के लिखित जवाब में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने स्वीकार किया कि प्रदेश में हितग्राहियों को किस्तों के भुगतान में कुछ समय के लिए विलंब हुआ था। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) और प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत राशि के हस्तांतरण में SNA (Single Nodal Account) स्पर्श और अन्य तकनीकी व्यवधानों के कारण यह समस्या उत्पन्न हुई थी।
सरकार ने सदन को आश्वस्त किया है कि इन सभी तकनीकी समस्याओं का अब पूरी तरह से निराकरण कर लिया गया है और वर्तमान में हितग्राहियों को प्रचलित दिशा-निर्देशों के अनुसार समय पर किस्तों की राशि हस्तांतरित की जा रही है। विधायक द्वारा आवास निर्माण पूर्ण होने की निश्चित समय-सीमा तय करने के सवाल पर उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि चूंकि आवास का निर्माण कार्य स्वयं हितग्राही द्वारा कराया जाता है, इसलिए किस्तों का भुगतान सीधे तौर पर निर्माण की भौतिक प्रगति के आधार पर किया जाता है। इस कारण निर्माण कार्य पूर्ण होने के लिए कोई एक समान या निश्चित समय-सीमा का निर्धारण किया जाना संभव नहीं है।
इसके साथ ही, सरकार ने उन दावों को भी स्पष्ट किया जिनमें भारी संख्या में आवासों के अधूरे होने की बात कही गई थी।



