रायपुर, 11 नवम्बर 2025।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ का औद्योगिक भविष्य एक नए युग में प्रवेश कर गया है। अहमदाबाद में आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम में राज्य को अब तक का सबसे बड़ा निवेश प्रस्ताव मिला है — ₹33,321 करोड़ से अधिक, जिसके माध्यम से 14,900 से अधिक रोजगार अवसर सृजित होंगे।
मुख्यमंत्री ने देश के दिग्गज उद्योगपतियों से मुलाकात कर छत्तीसगढ़ में निवेश की असीम संभावनाओं को रेखांकित किया। उन्होंने कहा —“गुजरात और छत्तीसगढ़ मिलकर विकसित भारत के निर्माण में अहम भूमिका निभाएंगे। गुजरात के पास उद्यम की ताकत है, तो छत्तीसगढ़ के पास ऊर्जा, खनिज, कुशल जनशक्ति और आकर्षक औद्योगिक नीति — जो निवेशकों के लिए वरदान है।”
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने थर्मल पावर, ग्रीन स्टील, सोलर, फार्मा, मेडिकल फूड सप्लीमेंट, टेक्सटाइल और सेमीकंडक्टर जैसे प्रमुख क्षेत्रों में निवेश प्रस्ताव स्वीकार किए।
🔹 प्रमुख निवेश घोषणाएँ
टोरेंट पावर लिमिटेड, अहमदाबाद – ₹22,900 करोड़ का निवेश, 1600 मेगावाट का थर्मल पावर प्लांट, लगभग 5,000 रोजगार।
ओनिक्स थ्री एनर्सोल प्रा. लि. – ₹9,000 करोड़ का निवेश, ग्रीन हाइड्रोजन, अमोनिया व स्टील मैन्युफैक्चरिंग यूनिट, 4,082 रोजगार।
माला क्रिएशन प्रा. लि., सूरत – ₹700 करोड़ का सोलर सेल मैन्युफैक्चरिंग प्रोजेक्ट, 500 रोजगार।
लीजियम लाइफ साइंसेस प्रा. लि. – ₹101 करोड़ का निवेश, फार्मा और मेडिकल फूड प्रोडक्ट्स, 750 रोजगार।
टोरेंट फार्मास्युटिकल्स लि. – ₹200 करोड़ का निवेश, फार्मा यूनिट, 200 रोजगार।
मल्टी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल – ₹300 करोड़ का निवेश, अत्याधुनिक चिकित्सा सेवाएं और स्थानीय रोजगार।
सफायर सेमीकॉम प्रा. लि. – ₹120 करोड़ का निवेश, सेमीकंडक्टर निर्माण, 4,000 रोजगार।
अहम उद्योगपतियों की मुख्यमंत्री से मुलाकातें
निरमा ग्रुप के चेयरमैन डॉ. कारसनभाई के. पटेल ने मुख्यमंत्री श्री साय से अहमदाबाद में सौजन्य भेंट की। मुलाकात के दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ की औद्योगिक नीति और निवेश-अनुकूल माहौल की सराहना करते हुए सहयोग की इच्छा जताई।
कैडिला फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड के समूह अध्यक्ष राज प्रकाश व्यास ने राज्य में फार्मा मैन्युफैक्चरिंग इकाई स्थापित करने में रुचि दिखाई।
चिरिपाल इंडस्ट्रीज लिमिटेड के निदेशक ज्योति प्रसाद चिरिपाल ने टेक्सटाइल, डेनिम, यार्न और फैब्रिक्स के क्षेत्र में निवेश प्रस्ताव रखे।
नारोल टेक्सटाइल्स इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड एनवायरो मैनेजमेंट (NTIEM) के अध्यक्ष चंपालाल जी. अग्रवाल के नेतृत्व में अहमदाबाद टेक्सटाइल एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से भेंट कर पर्यावरण-अनुकूल टेक्सटाइल उद्योग स्थापित करने की इच्छा व्यक्त की।
मुख्यमंत्री ने उद्योग जगत को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने 22 महीनों में 350 से अधिक सुधार किए हैं जिससे उद्योग स्थापना की प्रक्रिया अब और तेज व पारदर्शी हो गई है। सिंगल विंडो सिस्टम के तहत सभी अनुमतियाँ त्वरित रूप से जारी हो रही हैं।
उन्होंने बताया कि बस्तर और सरगुजा जैसे जनजातीय अंचलों में उद्योग लगाने पर विशेष अनुदान और अतिरिक्त सहायता दी जाएगी। राज्य में कोयला, सोलर, हाइडल, वानिकी आधारित उद्योगों की अपार संभावनाएँ हैं।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि नवा रायपुर को आईटी एवं एआई डेटा सेंटर हब के रूप में विकसित किया जा रहा है जहाँ सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर की कंपनियाँ विशेष रुचि दिखा रही हैं।
गुजरात और छत्तीसगढ़ – विकास का नया गठजोड़
मुख्यमंत्री ने कहा —
“गुजरात देश और दुनिया की अर्थव्यवस्था को गति दे रहा है, और छत्तीसगढ़ उसी दिशा में तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है। आने वाले समय में दोनों राज्य मिलकर भारत के औद्योगिक मानचित्र पर नई पहचान गढ़ेंगे।”
कार्यक्रम में सीएसआईडीसी अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, उद्योग सचिव रजत कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, और सीएसआईडीसी प्रबंध संचालक विश्वेश कुमार सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
अब तक कुल ₹7.83 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव
नई औद्योगिक नीति लागू होने के बाद से अब तक छत्तीसगढ़ को ₹7.83 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह निवेश केवल आंकड़ा नहीं बल्कि राज्य के हर युवा के भविष्य और आत्मनिर्भर भारत के सपने की ठोस नींव है।
छत्तीसगढ़ अब औद्योगिक क्रांति के नए युग की दहलीज पर है — मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य का हर क्षेत्र विकास की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है।

