रायपुर | 12 मार्च, 2026 छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज धर्मांतरण और उससे जुड़े धार्मिक विवादों को लेकर सरकार ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है। विधायक लखेश्वर बघेल द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री विजय शर्मा ने वर्ष 2022 से लेकर जनवरी 2026 तक की विस्तृत रिपोर्ट सदन के पटल पर रखी। इस रिपोर्ट में राज्य के विभिन्न जिलों में धर्मांतरण और विशेष रूप से अंतिम संस्कार (दाह संस्कार) को लेकर हुए विवादों, दर्ज शिकायतों और पुलिस द्वारा की गई कानूनी कार्रवाई का पूरा ब्यौरा दिया गया है।
सरकारी आंकड़ों के विश्लेषण से यह चिंताजनक तथ्य सामने आया है कि पिछले चार वर्षों में इन संवेदनशील मामलों की संख्या में भारी उछाल आया है। जहाँ वर्ष 2022 और 2023 के दौरान प्रदेश के चुनिंदा जिलों जैसे बस्तर और कांकेर में ही इक्का-दुक्का शिकायतें मिल रही थीं, वहीं वर्ष 2024 और 2025 में यह ग्राफ तेजी से ऊपर चढ़ा है। वर्ष 2024 में धमतरी जिला विवादों का प्रमुख केंद्र रहा, जहाँ अकेले 29 शिकायतें दर्ज की गईं। इसी तरह वर्ष 2025 में बिलासपुर जिला इस सूची में सबसे ऊपर पहुँच गया, जहाँ कुल 30 शिकायतों में से 28 मामलों में पुलिस ने विधिवत आपराधिक प्रकरण दर्ज किए।
राजधानी रायपुर सहित जांजगीर-चांपा, मुंगेली, बालोद और गरियाबंद जैसे मैदानी इलाकों में भी इन विवादों की जड़ें गहरी होती दिखाई दे रही हैं। रायपुर में तो प्राप्त हुई सभी 9 शिकायतों पर पुलिस ने तत्काल एफआईआर दर्ज की है। गृह मंत्री ने सदन को आश्वस्त किया कि शासन इन मामलों को लेकर बेहद गंभीर है और सूचना मिलते ही छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत कड़ी कार्रवाई की जा रही है। वर्तमान में भी बस्तर से लेकर सरगुजा संभाग तक प्रशासन इन विवादों पर पैनी नजर रख रहा है ताकि सामाजिक समरसता बनी रहे।



