नई दिल्ली:
वैश्विक व्यापार में लगभग 2 प्रतिशत हिस्सेदारी रखने वाले फर्जी सामान के बाजार और हजारों करोड़ रुपये के नकली कारोबार पर लगाम लगाने के लिए रिसर्चर्स ने एक नई एंटी-काउंटरफिट (Anti-Counterfeit) तकनीक विकसित की है। इस तकनीक की मदद से आम उपभोक्ता बिना किसी महंगे स्कैनर या विशेष हार्डवेयर के, सिर्फ अपने स्मार्टफोन से किसी भी प्रोडक्ट की सत्यता जांच सकेंगे।
कैसा है यह नया सिक्योरिटी लेबल?
रिसर्चर्स द्वारा तैयार किए गए इस रिस्पॉन्सिव प्रिंटिंग सिस्टम में एक खास लेबल तैयार किया जाता है, जिसमें तीन उन्नत तकनीकों का मिश्रण है:
-
स्मार्ट माइक्रोकैप्सूल्स: UV इंक के साथ तैयार ये कैप्सूल रोशनी या तापमान के संपर्क में आते ही एक अनोखा ऑप्टिकल सिग्नेचर बनाते हैं, जिसे कॉपी करना असंभव है।
-
नैनोटेक्नोलॉजी सुरक्षा: इसमें इस्तेमाल लिंकर पॉलीमर लेबल को गर्मी, नमी और खराब मौसम में भी सुरक्षित रखता है, जिससे इसका रंग या प्रिंट फीका नहीं पड़ता।
-
AI और मशीन लर्निंग: स्मार्टफोन से स्कैन करने पर मशीन लर्निंग मॉडल लेबल की रोशनी के प्रति प्रतिक्रिया का विश्लेषण करता है।
97% से अधिक सटीकता
ट्रायल के दौरान इस स्मार्टफोन-आधारित सिस्टम ने 97 प्रतिशत से अधिक सटीकता के साथ असली और नकली लेबल के बीच अंतर पहचान लिया।
कंपनियों और ग्राहकों को होगा बड़ा फायदा
वर्तमान में इस्तेमाल होने वाले होलोग्राम, QR कोड या RFID सिस्टम के लिए महंगे उपकरणों की आवश्यकता होती है। नई तकनीक से:
-
उपभोक्ताओं को राहत: ग्राहक खरीदारी के समय खुद स्मार्टफोन से जांच सकेंगे कि सामान असली है या नहीं।
-
लागत में कमी: कंपनियों को महंगे वेरिफिकेशन हार्डवेयर से मुक्ति मिलेगी और पैकेजिंग लाइन में इसे आसानी से शामिल किया जा सकेगा।
रिसर्चर्स के अनुसार, यह तकनीक अब व्यावसायिक स्तर पर इस्तेमाल के लिए पूरी तरह तैयार है।

