बिहार के लोगों के लिए अंतरराज्यीय यात्रा अब और आसान होने वाली है। अब दूसरे राज्यों में जाने के लिए केवल ट्रेन के भरोसे रहने की जरूरत नहीं पड़ेगी। परिवहन विभाग ने छत्तीसगढ़ सहित 6 राज्यों और 60 से ज्यादा शहरों के लिए सीधी बस सेवाएं शुरू करने की तैयारी कर ली है। इस फैसले से खासकर उन यात्रियों को राहत मिलेगी, जो सीमावर्ती राज्यों में रोज़गार, इलाज या पारिवारिक कारणों से सफर करते हैं।
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परिवहन विभाग ने 50 हजार से अधिक आबादी वाले प्रखंडों को बस नेटवर्क से जोड़ने का निर्णय लिया है। इसके तहत बसों का संचालन पीपीपी यानी पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल पर किया जाएगा। विभाग ने करीब 650 नई बसों के संचालन के लिए निजी बस संचालकों से आवेदन मांगे हैं। फिलहाल भी लगभग 1200 बसें पीपीपी मोड पर चल रही हैं, जिससे यात्रियों को पहले से सुविधा मिल रही है। बड़ी संख्या में बसें शुरू होने से ट्रेनों पर यात्रियों का दबाव कम होने की उम्मीद है।
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जानकारी के अनुसार, बिहार से सबसे अधिक बसें झारखंड के लिए चलाई जाएंगी। इसके अलावा छत्तीसगढ़ के लिए 28 बसों का संचालन किया जाएगा, जिससे दोनों राज्यों के बीच सड़क संपर्क और मजबूत होगा। वहीं उत्तर प्रदेश के लिए 34, पश्चिम बंगाल के लिए 45, ओडिशा के लिए 16 और दिल्ली के लिए 10 बसें चलाई जाएंगी। इन सेवाओं में 400 नॉन-एसी, 200 एसी और 50 लग्जरी बसें शामिल होंगी।
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परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने बताया कि बिहार के अलग-अलग जिलों से सीधे अन्य राज्यों और प्रमुख शहरों के लिए बस सेवाएं शुरू की जाएंगी। अगले दो महीनों में 150 नई बसें सड़कों पर उतरेंगी। खास बात यह भी है कि बिहार और नेपाल के बीच लग्जरी बस सेवा शुरू करने की योजना है। इन सभी योजनाओं को लेकर विभाग की तैयारियां तेज़ी से चल रही हैं, जिससे बिहार के साथ-साथ छत्तीसगढ़ जैसे पड़ोसी राज्यों के यात्रियों को भी सीधा लाभ मिलेगा।
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