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रायपुर 4 जनवरी 2026
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की पहल परीक्षा पे चर्चा 2026 में छत्तीसगढ़ ने देशभर में मिसाल कायम करते हुए पालक सहभागिता में प्रथम स्थान हासिल किया है। राज्य से अब तक कुल 25 लाख 16 हजार से अधिक पंजीयन दर्ज किए गए हैं जिनमें 22 लाख 75 हजार विद्यार्थी 1 लाख 55 हजार शिक्षक और 81,533 पालक शामिल हैं। पालकों की यह सक्रिय भागीदारी पूरे देश में सबसे अधिक है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस उपलब्धि को राज्य के लिए गौरव का विषय बताते हुए कहा कि यह सफलता विद्यार्थियों शिक्षकों और पालकों के सामूहिक प्रयास का परिणाम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा परीक्षा को तनाव नहीं बल्कि उत्सव के रूप में देखने का जो संदेश दिया गया है उसे छत्तीसगढ़ ने पूरी संवेदनशीलता के साथ अपनाया है।
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पालक सहभागिता के मामले में छत्तीसगढ़ देश में पहले स्थान पर है जबकि कुल पंजीयन के आधार पर राज्य राष्ट्रीय स्तर पर चौथे स्थान पर पहुंच गया है। जिलावार आंकड़ों की बात करें तो बलोदाबाजार जिले से 14,658 और सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले से 9,952 पालकों ने पंजीयन कराया है। यह आंकड़े अभिभावकों में बढ़ती जागरूकता विश्वास और सकारात्मक सोच को दर्शाते हैं।
इस सफलता के पीछे राज्य सरकार द्वारा अपनाई गई नवाचारपूर्ण रणनीतियों की अहम भूमिका रही है। जिला स्तरीय समीक्षा बैठकों के माध्यम से लक्ष्य तय किए गए शिक्षक प्रशिक्षण केंद्रों पर ऑन साइट पंजीयन की सुविधा दी गई तथा युवा क्लब और अंगना म शिक्षा कार्यक्रम के जरिए समुदाय को बड़े स्तर पर जोड़ा गया।
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सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले में आयोजित परीक्षा पे चर्चा मेला ने विशेष रूप से उल्लेखनीय परिणाम दिए जहां एक ही दिन में 10 हजार से अधिक पंजीयन हुए। इससे पहले जहां प्रतिदिन औसतन 1500 पंजीयन हो रहे थे वहीं इस आयोजन ने अभियान को नई गति दी। शिक्षक पालक सम्मेलन और मेगा पीटीएम जैसे प्रयासों ने भी अभिभावकों की सक्रिय भूमिका को मजबूत किया।
पिछले वर्ष परीक्षा पे चर्चा में शामिल रही छात्रा कु युक्तामुखी के प्रेरक अनुभव भी इस वर्ष विद्यार्थियों को बड़ी संख्या में पंजीयन के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उनके संदेश से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास और उत्साह का संचार हुआ है।
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शिक्षकों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रशिक्षण स्थलों पर ही पंजीयन की व्यवस्था की गई जहां प्रक्रिया को विस्तार से समझाते हुए तत्काल सहयोग प्रदान किया गया। इसका सीधा असर शिक्षक पंजीयन की संख्या में देखने को मिला।
पंजीयन प्रक्रिया 11 जनवरी 2026 तक जारी रहेगी और राज्य सरकार को पूर्ण विश्वास है कि छत्तीसगढ़ 30 लाख से अधिक पंजीयन का लक्ष्य हासिल कर लेगा।
उल्लेखनीय है कि परीक्षा पे चर्चा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वार्षिक संवाद कार्यक्रम है जिसमें वे विद्यार्थियों शिक्षकों और पालकों से सीधे संवाद कर परीक्षा से जुड़े तनाव प्रबंधन आत्मविश्वास और सकारात्मक दृष्टिकोण पर मार्गदर्शन देते हैं। यह पहल अब एक जन आंदोलन का रूप ले चुकी है और परीक्षा को भय नहीं बल्कि उत्सव के रूप में देखने की सामाजिक चेतना को मजबूत कर रही है।
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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ इसी उत्साह के साथ इस अभियान को आगे बढ़ाएगा और परीक्षा को तनावमुक्त बनाने की दिशा में देश के लिए रोल मॉडल बना रहेगा।

