रायपुर: छत्तीसगढ़ के बिजली उपभोक्ताओं को जून के महीने में एक बड़ा झटका लगा है। राज्य में आगामी 1 जुलाई से बिजली की दरों में बढ़ोतरी होने जा रही है। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नए बिजली टैरिफ को मंजूरी दे दी है। आयोग के सदस्य विनोद गनोदवाले और अजय सिंह की मौजूदगी में इस फैसले की आधिकारिक घोषणा की गई।
नए नियमों के मुताबिक, सबसे ज्यादा असर घरेलू उपभोक्ताओं और किसानों पर पड़ने वाला है। घरेलू बिजली उपभोक्ताओं के लिए दरों में 50 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी को मंजूरी दी गई है। वहीं, दुकानदारों और व्यावसायिक संस्थानों यानी गैर-घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली की दरें 40 पैसे प्रति यूनिट के हिसाब से बढ़ाई गई हैं। इसके अलावा, इस बार खेती-किसानी को भी महंगाई की मार झेलनी होगी, क्योंकि कृषि पंपों के लिए इस्तेमाल होने वाली बिजली में भी 40 पैसे प्रति यूनिट का इजाफा कर दिया गया है।
बिजली कंपनियों द्वारा इस भारी बढ़ोतरी के पीछे उनके बढ़ते नुकसान को वजह बताया गया है। दरअसल, पावर कंपनी ने राज्य में करीब 6 हजार करोड़ रुपये के संचित घाटे का हवाला दिया था और घाटे की भरपाई के लिए बिजली दरों में 24 प्रतिशत तक की भारी वृद्धि करने का प्रस्ताव आयोग के सामने रखा था।
नियामक आयोग ने कंपनी के दावों और आम जनता की सहूलियत दोनों पहलुओं पर विचार करने के बाद ही इस अंतिम निर्णय को हरी झंडी दी है। ऊर्जा विशेषज्ञों ने पहले ही यह अंदेशा जता दिया था कि यदि नियामक आयोग पावर कंपनी के भारी-भरकम घाटे के दावों को स्वीकार करता है, तो इसका सीधा असर घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक सभी श्रेणियों के उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ेगा। अब इस फैसले के बाद 1 जुलाई से प्रदेश की जनता का मासिक बिजली बजट बढ़ना तय माना जा रहा है।

