TransUnion CIBIL Report 2026: भारत में Credit Card का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। अब इस बाजार में सिर्फ बड़े शहरों के नौकरीपेशा लोग ही नहीं, बल्कि युवा और छोटे शहरों व ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ता भी शामिल हो रहे हैं। TransUnion CIBIL की रिपोर्ट Beyond the Swipe 2026 के मुताबिक, मार्च 2026 तक नए क्रेडिट कार्ड लेने वाले लोगों में आधे की उम्र 30 साल या उससे कम थी। रिपोर्ट का एक अहम संकेत यह भी है कि कई युवा कार्ड लेने से पहले ही दूसरे लोन का अनुभव रखते हैं। इससे भारत के क्रेडिट कार्ड मार्केट में बढ़ती पहुंच के साथ उपभोक्ताओं की कर्ज लेने की आदतों में बदलाव भी सामने आता है।
10 साल में 3.6 गुना बढ़े क्रेडिट कार्ड धारक
रिपोर्ट के अनुसार, भारत में Credit Card धारकों की संख्या मार्च 2016 के 1.4 करोड़ से बढ़कर मार्च 2026 में 5.2 करोड़ हो गई। वहीं, क्रेडिट कार्ड पर कुल बकाया राशि 40,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 3.1 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई।
रिपोर्ट के प्रमुख आंकड़े:
- Credit Card धारक: 1.4 करोड़ से बढ़कर 5.2 करोड़।
- एक्टिव Credit Card: 2.1 करोड़ से बढ़कर 10.7 करोड़।
- प्रति कार्डधारक औसत बकाया: 31,000 रुपये से बढ़कर 65,000 रुपये।
- नए कार्डधारकों में 30 साल या उससे कम उम्र के लोगों की हिस्सेदारी: करीब 50%।
69% युवाओं ने कार्ड लेने के बाद लिया दूसरा क्रेडिट प्रोडक्ट
रिपोर्ट में सामने आया कि 2024 में पहली बार Credit Card लेने वाले 24 से 30 साल के Gen Z उपभोक्ताओं में करीब 69% ने कार्ड मिलने के 12 महीनों के भीतर दूसरा क्रेडिट प्रोडक्ट भी ले लिया। इसमें पर्सनल लोन या दूसरा Credit Card जैसे विकल्प शामिल हैं।
इसके अलावा, इन युवा कार्डधारकों में लगभग 28% पर कार्ड मिलने के पहले तीन महीनों में ही 25,000 रुपये से अधिक का बकाया हो गया। 2018 में इसी उम्र के मिलेनियल्स में यह आंकड़ा करीब 20% था।
क्रेडिट कार्ड के साथ दूसरे लोन का इस्तेमाल भी बढ़ा
रिपोर्ट के अनुसार, पहली बार क्रेडिट कार्ड लेने वाले Gen Z उपभोक्ताओं में 18% के पास पहले से कंज्यूमर ड्यूरेबल लोन और 23% के पास छोटा पर्सनल लोन था। इससे पता चलता है कि कई युवा अब एक ही तरह के कर्ज पर निर्भर रहने के बजाय अलग-अलग क्रेडिट उत्पादों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
हालांकि, कई तरह के लोन होने पर मासिक किस्तों और कार्ड बिल का बोझ भी बढ़ सकता है। इसलिए क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करते समय खर्च की सीमा तय करना, बिल समय पर चुकाना और केवल उतना ही कर्ज लेना जरूरी है, जितना आसानी से चुकाया जा सके। ताज़ा खबरों और अपडेट्स के लिए हमें Facebook और Instagram पर फॉलो करें।

