रायपुर। छत्तीसगढ़ के रेल इंफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देते हुए राजधानी रायपुर में इलेक्ट्रिक रेल इंजन मेंटेनेंस सुविधा (Loco Shed) का शिलान्यास किया जाएगा। इस आधुनिक वर्कशॉप के पूरी तरह विकसित होने के बाद यहां एक साथ 300 हाई-पावर इलेक्ट्रिक इंजनों के रखरखाव की क्षमता तैयार होगी। इससे न केवल रेलवे के परिचालन को गति मिलेगी, बल्कि माल परिवहन और फ्रेट मूवमेंट भी काफी मजबूत होगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि नई रेल लाइनें, बेहतर यात्री सेवाएं और आधुनिक अधोसंरचना राज्य के सर्वांगीण विकास को नई दिशा देंगी।
दल्लीराझरा-रावघाट रेल लाइन का काम पूरा: भिलाई स्टील प्लांट को मिलेगा सीधा फायदा
राज्य की सबसे महत्वाकांक्षी रेल परियोजनाओं में शुमार दल्लीराझरा-रावघाट रेल लाइन का काम अब पूरी तरह संपन्न हो चुका है:
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लागत और विस्तार: करीब 1,628 करोड़ रुपये की लागत से 95 किलोमीटर लंबी इस परियोजना को पूरा किया गया है।
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अंतिम चरण पूरा: ताड़ोकी से रावघाट के बीच अंतिम 17.5 किलोमीटर लाइन का निर्माण कार्य पूरा होते ही यह पूरी रेल लाइन बनकर तैयार हो गई है।
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औद्योगिक व लौह अयस्क परिवहन: यह रेल मार्ग भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहां से उच्च गुणवत्ता वाले लौह अयस्क (Iron Ore) की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित होगी। इसके अलावा स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार, व्यापार और आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में कनेक्टिविटी के नए रास्ते खुलेंगे।
अभनपुर-कुरूद गेज परिवर्तन संपन्न, धमतरी तक काम तेज
यात्री सुविधाओं के विस्तार के तहत दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा नैरोगेज से ब्रॉडगेज में बदलने का कार्य भी तेजी से आगे बढ़ रहा है:
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अभनपुर-कुरूद सेक्शन: अभनपुर से कुरूद के बीच 22 किलोमीटर लंबी लाइन का गेज परिवर्तन कार्य सफलता पूर्वक पूरा कर लिया गया है।
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कुरूद-धमतरी सेक्शन: कुरूद से धमतरी के बीच बचे हुए सेक्शन पर काम तेजी से चल रहा है, जिसे जल्द पूरा करने का लक्ष्य है।
शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापार को मिलेगी सीधी कनेक्टिविटी
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि रावघाट-रायपुर और रायपुर-कुरूद के बीच नई पैसेंजर सेवाओं के शुरू होने से क्षेत्र के विद्यार्थियों, नौकरीपेशा युवाओं, किसानों, व्यापारियों और आम जनता को राजधानी तक सुगम और सस्ती यात्रा का लाभ मिलेगा।
सीधी रेल कनेक्टिविटी मिलने से ग्रामीण अंचलों के लोगों के लिए राजधानी के बड़े अस्पतालों में इलाज और उच्च शिक्षण संस्थानों तक पहुंचना आसान होगा, साथ ही स्थानीय कृषि उपज और पर्यटन को भी नया बाजार मिलेगा।


