रायपुर। भारतीय जनता पार्टी ने चुनावी रणनीति को धार देते हुए आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनाव यानी ‘मिशन 2028-29’ का खाका खींचना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में नवनियुक्त प्रदेश भाजपा प्रभारी और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी 25 और 26 अक्टूबर को दो दिवसीय दौरे पर रायपुर आ रही हैं। प्रदेश प्रभारी का जिम्मा संभालने के बाद यह उनका पहला छत्तीसगढ़ प्रवास होगा। माना जा रहा है कि अपनी पहली ही संगठनात्मक बैठक में वह आगामी चुनावी अभियानों और सांगठनिक कसावट की रूपरेखा तय करेंगी।
राष्ट्रीय एकजुटता दिवस: 1962 के युद्ध की याद में आज एकजुटता का संकल्प, जानिए 20 अक्टूबर का इतिहास, महत्व और राष्ट्रीय एकता दिवस से इसका अंतर
पूर्व जनप्रतिनिधियों से वन-टू-वन संवाद, तैयार होगा रिपोर्ट कार्ड
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, दो दिवसीय प्रवास के दौरान स्मृति ईरानी प्रदेश के पूर्व सांसदों और पूर्व विधायकों के साथ ‘वन-टू-वन’ (सीधी) चर्चा करेंगी:बैठक के दौरान वरिष्ठ नेताओं के क्षेत्र में सक्रियता और पिछले कामकाज का पूरा रिपोर्ट कार्ड लिया जाएगा।समीक्षा के आधार पर प्रदेश के 60 से अधिक पूर्व सांसदों व पूर्व विधायकों को संगठन में नई व महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं।इस कवायद का मुख्य उद्देश्य विधानसभा और आम चुनावों से पहले पार्टी के जमीनी कैडर और बूथ तंत्र को अभेद्य बनाना है। एक तरफ जहां प्रभारी दीर्घकालिक रणनीति बना रही हैं, वहीं दूसरी ओर संगठन महामंत्री कर्मवीर स्थानीय निकाय चुनावों की कमान संभाले हुए हैं और कार्यकर्ताओं से सीधा फीडबैक जुटा रहे हैं।
विंध्याचल से लौट रहे दोस्तों पर काल बनकर टूटा ट्रक: ओवरब्रिज पर फोटो-रील्स बनाते समय भीषण टक्कर, 5 की मौत और 3 गंभीर
दौरे पर सियासी घमासान: कांग्रेस ने साधा निशाना, भाजपा ने किया पलटवार
स्मृति ईरानी के इस हाई-प्रोफाइल दौरे की खबर आते ही राज्य में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है:प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने तंज कसते हुए कहा कि जो नेत्री स्वयं चुनाव हार चुकी हों, वे छत्तीसगढ़ में पार्टी के लिए क्या रणनीति बनाएंगी। उन्होंने महंगाई जैसे ज्वलंत मुद्दों पर पूर्व केंद्रीय मंत्री की चुप्पी पर भी सवाल खड़े किए। कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए भाजपा के प्रदेश महामंत्री डॉ. नवीन मार्कण्डेय ने कहा कि प्रदेश प्रभारी के आगमन को लेकर कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह है। भाजपा हर दिन अपने सांगठनिक लक्ष्यों को हासिल करने के लिए कार्य करती है और यह दौरा संगठन को और अधिक ऊर्जा देगा।
विजयादशमी 2026 : महिषासुर वध से रावण दहन तक, अधर्म पर धर्म की जीत का शाश्वत महापर्व
संगठनात्मक फेरबदल के बाद पहला बड़ा एक्शन
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पिछले महीने छत्तीसगढ़ और हरियाणा का प्रभार मिलने के बाद स्मृति ईरानी का यह दौरा राज्य में सत्ता और संगठन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। इस दौरे से न केवल पार्टी के असंतुष्ट व निष्क्रिय नेताओं को फिर से सक्रिय करने में मदद मिलेगी, बल्कि भविष्य की चुनावी बिसात पर भाजपा अपनी बढ़त को मजबूत कर सकेगी।


