1 फरवरी 2026 से नई कारों के FASTag पर खत्म होगी KYC प्रक्रिया, वाहन चालकों को बड़ी राहत
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के शराब उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए मदिरा पर लगने वाला वैट पूरी तरह समाप्त कर दिया है। वाणिज्यिक कर विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार अब शराब पर लगने वाला 8.50 प्रतिशत वैट नहीं लिया जाएगा। यह नया प्रावधान 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा।
सरकारी सूत्रों के अनुसार छत्तीसगढ़ में शराब की बिक्री पूरी तरह सरकारी व्यवस्था के तहत होती है, जिसे छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड संचालित करता है। अब तक व्यवस्था यह थी कि सरकार की ही एजेंसी के जरिए शराब की बिक्री होती थी और उसी पर वैट भी वसूला जाता था। विभाग का मानना है कि यह कर प्रणाली व्यावहारिक नहीं थी और इससे अनावश्यक जटिलताएं पैदा हो रही थीं। इसी कारण वैट को पूरी तरह समाप्त करने का निर्णय लिया गया है।
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हालांकि सरकार ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि वैट हटने के बावजूद शराब की कीमतों में कोई बदलाव नहीं होगा। कारण यह है कि आबकारी शुल्क पहले की तरह लागू रहेगा और वही शराब के दाम तय करने में प्रमुख भूमिका निभाएगा। यानी उपभोक्ताओं को कीमतों में कोई बड़ी राहत नहीं मिलेगी, लेकिन कर प्रणाली पहले से ज्यादा सरल जरूर हो जाएगी।
इसके साथ ही राज्य सरकार नई आबकारी नीति को भी मंजूरी दे चुकी है। गौरतलब है कि इससे पहले सरकार विदेशी मदिरा पर लगाए गए 9.5 प्रतिशत अतिरिक्त उत्पाद शुल्क को भी खत्म कर चुकी है। लगातार लिए जा रहे इन फैसलों को सरकार प्रशासनिक सुधारों से जोड़कर देख रही है।
सरकार का कहना है कि वैट हटाने से कर व्यवस्था अधिक पारदर्शी बनेगी, अनावश्यक लेखा-जोखा खत्म होगा और विभागीय प्रक्रियाएं सरल होंगी। साथ ही इससे सरकारी तंत्र पर पड़ने वाला अतिरिक्त बोझ भी कम होगा।
कुल मिलाकर, छत्तीसगढ़ में शराब से जुड़ी टैक्स व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। 1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाला यह फैसला जहां प्रशासनिक स्तर पर राहत देगा, वहीं उपभोक्ताओं के लिए भी व्यवस्था को पहले से ज्यादा आसान बनाएगा।
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