छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रशासनिक कामकाज को पूरी तरह डिजिटल करने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश में एक जनवरी से सभी शासकीय कार्यालयों में सरकारी कार्य केवल ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से ही किए जाएंगे। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने सभी विभागाध्यक्षों, संभागायुक्तों और कलेक्टरों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
जारी आदेश के अनुसार, एक जनवरी से मंत्रालय, विभागाध्यक्ष कार्यालय, संभाग और जिला स्तर पर संपूर्ण कार्यालयीन नस्ती और डाक का संपादन केवल ई-ऑफिस के जरिए किया जाएगा। विभाग प्रमुख की अनुमति के बिना किसी भी प्रकार की फिजिकल फाइल संचालित नहीं की जा सकेगी। शासन स्तर पर सहमति या अनुमोदन से जुड़े सभी प्रकरण भी अधीनस्थ कार्यालयों द्वारा ई-ऑफिस फाइल के माध्यम से ही भेजे जाएंगे।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि सूचनात्मक पत्राचार ई-ऑफिस के रिसीप्ट सिस्टम के जरिए किया जाएगा। अधिकारी शासकीय प्रवास के दौरान मुख्यालय से बाहर रहते हुए भी ई-ऑफिस के माध्यम से कार्य संपादित करेंगे। इसके अलावा सार्वजनिक अवकाश के दिनों में भी आवश्यकता पड़ने पर शासकीय सेवक ई-ऑफिस से कार्य कर सकेंगे।
आदेश में कागज के उपयोग को कम करने पर विशेष जोर दिया गया है। यथासंभव दस्तावेजों को डिजिटल रूप से ही तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि प्रिंट निकालकर दोबारा स्कैन कर अपलोड करने की प्रक्रिया को न्यूनतम किया जा सके।
सरकार का मानना है कि ई-ऑफिस को अनिवार्य करने से प्रशासनिक कामकाज में पारदर्शिता बढ़ेगी, फाइलों के निपटारे में तेजी आएगी और समय व संसाधनों की बचत होगी। यह कदम राज्य को डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में और मजबूत करेगा।



