भारतीय रेल का ‘स्लीपर’ अवतार: अब 180 की रफ्तार और हवाई जहाज जैसी सुविधाओं के साथ पटरी पर उतरेंगी 260 वंदे भारत ट्रेनें

नई दिल्ली: भारत सरकार ने महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाली मानव तस्करी को रोकने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए देश के कानूनी और सामाजिक सुरक्षा ढांचे में बड़े बदलाव किए हैं। संसद में दी गई जानकारी के अनुसार, सरकार तस्करी को रोकने और पीड़ितों के पुनर्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।

नवाचार को पंख: ₹1 लाख करोड़ के RDI फंड का पहला कॉल लॉन्च, स्टार्टअप्स को बिना गारंटी 2% ब्याज पर मिलेगा लोन

 मानव तस्करी से निपटने के लिए अब भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 के तहत नए और अधिक सख्त प्रावधान लागू किए गए हैं। इसकी धारा 143 और 144 विशेष रूप से तस्करी और यौन शोषण के खिलाफ कठोर सजा सुनिश्चित करती हैं। सबसे महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि तस्करी को अब ‘संगठित अपराध’ (धारा 111) की श्रेणी में रखा गया है। बच्चों को अपराध या वेश्यावृत्ति के लिए खरीदने या काम पर रखने जैसे घिनौने कृत्यों के लिए अब अनिवार्य न्यूनतम सजा का प्रावधान है, जिससे अपराधियों में कानून का भय बना रहे।

“जैव विविधता नियमों में बड़ा बदलाव: औषधीय पौधों के लिए लॉन्च हुआ नया डिजिटल प्लेटफॉर्म, ABS प्रक्रिया हुई पेपरलेस”

पीड़ितों का पुनर्वास और मुआवजा

कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ पीड़ितों के जख्मों को भरने के लिए ‘भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता’ के तहत पीड़ित मुआवजा योजना शुरू की गई है। इसके अंतर्गत हर राज्य को अनिवार्य रूप से फंड बनाना होगा ताकि पीड़ितों के पुनर्वास और उनकी बुनियादी जरूरतों को पूरा किया जा सके। ‘मिशन शक्ति’ के तहत संचालित ‘शक्ति सदन’ बेसहारा महिलाओं को आश्रय, भोजन और व्यावसायिक प्रशिक्षण देकर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का काम कर रहे हैं।

CGBSE के कड़े निर्देश: विषय शिक्षकों की ड्यूटी पर रोक और परीक्षा केंद्रों पर ताला लगाना प्रतिबंधित, दिव्यांग छात्रों और पारदर्शिता के लिए मण्डल ने तय किए नए मानक

सशक्तिकरण से सुरक्षा का रास्ता

सरकार का मानना है कि गरीबी और लाचारी ही तस्करी का मुख्य कारण है। इसे जड़ से मिटाने के लिए कई बड़ी योजनाएं चलाई जा रही हैं: ‘जन धन’ खातों और ‘मुद्रा योजना’ के जरिए महिलाओं को वित्तीय रूप से स्वतंत्र बनाया जा रहा है। ‘आयुष्मान भारत’ के तहत करोड़ों महिलाओं को मुफ्त इलाज मिल रहा है, जबकि ‘जन औषधि केंद्रों’ पर मात्र 1 रुपये में सैनिटरी पैड उपलब्ध कराए जा रहे हैं।’उज्ज्वला’, ‘स्वच्छ भारत’ और ‘जल जीवन मिशन’ ने महिलाओं के जीवन स्तर को ऊंचा उठाकर उनकी सामाजिक सुरक्षा को मजबूत किया है।

अब गाँव भी होंगे ‘सुपरफास्ट’: 2.14 लाख पंचायतों तक पहुँची ब्रॉडबैंड सेवा ,शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक डिजिटल पहुँच हुई आसान

आने वाले पांच वर्षों तक ‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना’ के तहत मुफ्त अनाज देना जारी रहेगा, जिससे गरीब परिवारों की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित होगी और वे तस्करी जैसे अपराधों के प्रति कम संवेदनशील होंगे। केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि भले ही पुलिस और कानून-व्यवस्था राज्यों का विषय है, लेकिन केंद्र इन अपराधों को जड़ से खत्म करने के लिए राज्यों के साथ मिलकर पूरी शक्ति से कार्य कर रहा है।

डिजिटल भारत 2026: हर जिले में 5G, हर पंचायत में इंटरनेट और धोखाधड़ी करने वालों पर सीधा प्रहार

Share.

About Us

CG NOW एक भरोसेमंद और निष्पक्ष न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो आपको छत्तीसगढ़, भारत और दुनिया भर की ताज़ा, सटीक और तथ्य-आधारित खबरें प्रदान करता है। हमारी प्राथमिकता है जनता तक सही और निष्पक्ष जानकारी पहुँचाना, ताकि वे हर पहलू से जागरूक और अपडेटेड रहें।

Contact Us

Syed Sameer Irfan
📞 Phone: 94255 20244
📧 Email: sameerirfan2009@gmail.com
📍 Office Address: 88A, Street 5 Vivekanand Nagar, Bhilai 490023
📧 Email Address: cgnow.in@gmail.com
📞 Phone Number: 94255 20244

© 2025 cgnow.in. Designed by Nimble Technology.

error: Content is protected !!
Exit mobile version