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नई दिल्ली: भारत सरकार ने महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाली मानव तस्करी को रोकने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए देश के कानूनी और सामाजिक सुरक्षा ढांचे में बड़े बदलाव किए हैं। संसद में दी गई जानकारी के अनुसार, सरकार तस्करी को रोकने और पीड़ितों के पुनर्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
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मानव तस्करी से निपटने के लिए अब भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 के तहत नए और अधिक सख्त प्रावधान लागू किए गए हैं। इसकी धारा 143 और 144 विशेष रूप से तस्करी और यौन शोषण के खिलाफ कठोर सजा सुनिश्चित करती हैं। सबसे महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि तस्करी को अब ‘संगठित अपराध’ (धारा 111) की श्रेणी में रखा गया है। बच्चों को अपराध या वेश्यावृत्ति के लिए खरीदने या काम पर रखने जैसे घिनौने कृत्यों के लिए अब अनिवार्य न्यूनतम सजा का प्रावधान है, जिससे अपराधियों में कानून का भय बना रहे।
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पीड़ितों का पुनर्वास और मुआवजा
कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ पीड़ितों के जख्मों को भरने के लिए ‘भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता’ के तहत पीड़ित मुआवजा योजना शुरू की गई है। इसके अंतर्गत हर राज्य को अनिवार्य रूप से फंड बनाना होगा ताकि पीड़ितों के पुनर्वास और उनकी बुनियादी जरूरतों को पूरा किया जा सके। ‘मिशन शक्ति’ के तहत संचालित ‘शक्ति सदन’ बेसहारा महिलाओं को आश्रय, भोजन और व्यावसायिक प्रशिक्षण देकर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का काम कर रहे हैं।
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सशक्तिकरण से सुरक्षा का रास्ता
सरकार का मानना है कि गरीबी और लाचारी ही तस्करी का मुख्य कारण है। इसे जड़ से मिटाने के लिए कई बड़ी योजनाएं चलाई जा रही हैं: ‘जन धन’ खातों और ‘मुद्रा योजना’ के जरिए महिलाओं को वित्तीय रूप से स्वतंत्र बनाया जा रहा है। ‘आयुष्मान भारत’ के तहत करोड़ों महिलाओं को मुफ्त इलाज मिल रहा है, जबकि ‘जन औषधि केंद्रों’ पर मात्र 1 रुपये में सैनिटरी पैड उपलब्ध कराए जा रहे हैं।’उज्ज्वला’, ‘स्वच्छ भारत’ और ‘जल जीवन मिशन’ ने महिलाओं के जीवन स्तर को ऊंचा उठाकर उनकी सामाजिक सुरक्षा को मजबूत किया है।
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आने वाले पांच वर्षों तक ‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना’ के तहत मुफ्त अनाज देना जारी रहेगा, जिससे गरीब परिवारों की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित होगी और वे तस्करी जैसे अपराधों के प्रति कम संवेदनशील होंगे। केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि भले ही पुलिस और कानून-व्यवस्था राज्यों का विषय है, लेकिन केंद्र इन अपराधों को जड़ से खत्म करने के लिए राज्यों के साथ मिलकर पूरी शक्ति से कार्य कर रहा है।
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