रायपुर : छत्तीसगढ़ राज्य बिजली कंपनी के अधिकारी और कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (OPS) का लाभ दिलाने की मांग को लेकर आंदोलन तेज हो गया है। बिजली कंपनियों के 12 प्रमुख अधिकारी-कर्मचारी संगठनों ने एकजुट होकर ‘कंपनी अधिकारी-कर्मचारी पुरानी पेंशन अधिकार मंच’ के बैनर तले संयुक्त मोर्चा खोल दिया है। आंदोलन के पहले चरण में दुर्ग में विशाल आमसभा आयोजित कर कंपनी के कार्यपालक निदेशक (दुर्ग क्षेत्र) शिरीष शैलेट को ज्ञापन सौंपा गया। इसके साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं, तो 5 अक्टूबर 2026 को राजधानी रायपुर में जंगी प्रदर्शन किया जाएगा।
सैद्धांतिक सहमति के बाद भी लागू नहीं हुई OPS, कर्मचारियों में भारी आक्रोश
संयुक्त मोर्चे ने ऊर्जा विभाग के पुराने आदेशों का हवाला देते हुए प्रशासनिक लेटलतीफी पर कड़ा ऐतराज जताया है:अधिकार मंच के प्रतिनिधियों ने याद दिलाया कि छत्तीसगढ़ शासन, ऊर्जा विभाग ने 6 अक्टूबर 2023 को ही स्पष्ट आदेश जारी किया था। इसके तहत 1 जनवरी 2004 या उसके बाद नियुक्त और नवीन अंशदायी पेंशन योजना (NPS) के दायरे में आने वाले सभी अधिकारी-कर्मचारियों को पुरानी पेंशन प्रणाली में शिफ्ट करने की सैद्धांतिक सहमति दी जा चुकी थी। शासन स्तर से सहमति मिलने के बावजूद बिजली कंपनी प्रबंधन द्वारा इसे धरातल पर लागू नहीं किया गया। इसके चलते हजारों बिजली कर्मियों का भविष्य अब भी असुरक्षित बना हुआ है।
दुर्ग से भरी हुंकार, अब 5 अक्टूबर को रायपुर में महाआंदोलन
अधिकार मंच ने स्पष्ट कर दिया है कि यह आंदोलन केवल ज्ञापन तक सीमित नहीं रहेगा:पहले चरण के तहत दुर्ग क्षेत्र में 12 संगठनों के पदाधिकारियों और सैकड़ों कर्मचारियों ने एकजुटता दिखाकर शक्ति प्रदर्शन किया और कार्यपालक निदेशक को मांग पत्र सौंपा। मंच के नेताओं ने ऐलान किया है कि प्रदेशभर के हजारों बिजली अभियंता, अधिकारी और लाइनमैन 5 अक्टूबर को रायपुर में जुटेंगे। राजधानी में होने वाला यह बड़ा प्रदर्शन बिजली कंपनियों के कामकाज को सीधे प्रभावित कर सकता है।























