CGPSC 2025-26: 22 फरवरी को होगी राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा, 33 जिलों में बनाए गए केंद्र

नई दिल्ली:

इस्लामी कैलेंडर के सबसे मुकद्दस महीने, ‘माह-ए-रमजान’ की आमद करीब है। साल 2026 में रमजान का महीना फरवरी के मध्य में शुरू होने की संभावना है, जिससे रोजेदारों को सुहावने मौसम के कारण काफी सहूलियत मिलेगी। मुस्लिम एड वेबसाइट के अनुसार, इस साल रमजान की शुरुआत 19 या 20 फरवरी से हो सकती है, जिसकी अंतिम पुष्टि सऊदी अरब और भारत में चांद दिखने के आधार पर की जाएगी।

ग्रामीण इकोनॉमी में सुधार: महिलाओं ने संभाली कमान, स्वरोजगार बढ़ने से बेरोजगारी दर में दर्ज की गई भारी कमी

चांद के दीदार पर टिकी है तारीख इस्लामी कैलेंडर पूरी तरह से चंद्र गणना पर आधारित होता है। यदि 18 फरवरी की शाम को शाबान के महीने का चांद नजर आता है, तो पहला रोजा 19 फरवरी को रखा जाएगा। वहीं, यदि चांद 18 फरवरी को नहीं दिखता है, तो शाबान के 30 दिन पूरे होने के बाद 20 फरवरी से रमजान की शुरुआत होगी। रमजान का यह पाक महीना 29 या 30 दिनों का हो सकता है।

मुफ्त जांच और दवाओं से इलाज हुआ सस्ता: अब जिला अस्पतालों में 134 और आरोग्य मंदिरों में 63 टेस्ट होंगे बिल्कुल फ्री

इबादत की सबसे खास रात: लैलात अल-कद्र रमजान के आखिरी 10 दिनों में ‘लैलात अल-कद्र’ (शब-ए-कद्र) तलाश की जाती है, जिसे हजार महीनों की इबादत से भी अफजल माना गया है। संभावित तौर पर यह रात 27वें रमजान यानी 17 मार्च 2026 को पड़ सकती है। इस रात में मुस्लिम समुदाय के लोग पूरी रात जागकर नमाज, कुरान की तिलावत और दुआएं मांगते हैं।

जन्मदिन विशेष : सादगी, विनम्रता और सेवा के नए मानक गढ़ते यशस्वी जशपुर के ‘जन-कलेक्टर’ IAS रोहित व्यास

ईद-उल-फितर और जकात का महत्व 30 रोजे पूरे होने के बाद खुशियों का त्योहार ईद-उल-फितर 20 या 21 मार्च के आसपास मनाया जाएगा। ईद की नमाज से पहले ‘जकात-उल-फितर’ (फितरा) देना हर सामर्थ्यवान मुस्लिम पर अनिवार्य है। इसका मुख्य उद्देश्य गरीब और जरूरतमंदों को भी ईद की खुशियों में शामिल करना है। आमतौर पर इसमें गेहूं, चावल या अनाज के बराबर की राशि दान की जाती है।

छत्तीसगढ़ में रचा गया इतिहास: एक साथ 6,412 जोड़ों का विवाह, बना ‘गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड’

क्यों हर साल बदल जाती है तारीख? अक्सर लोगों के मन में यह सवाल होता है कि रमजान हर साल पहले क्यों आ जाता है। दरअसल, इस्लामी कैलेंडर (हिजरी) चंद्र आधारित होता है, जो ग्रेगोरियन कैलेंडर (अंग्रेजी कैलेंडर) से लगभग 10 से 11 दिन छोटा होता है। इसी कारण रमजान और ईद जैसी तारीखें हर साल पिछले साल के मुकाबले 10-11 दिन पीछे खिसक जाती हैं।

चलो मैनपाट: प्रकृति, एडवेंचर और संस्कृति के अद्भुत संगम : 13 फरवरी से मैनपाट महोत्सव का भव्य आगाज़, बॉलीवुड और भोजपुरी सितारों से सजेगी शाम

Share.

About Us

CG NOW एक भरोसेमंद और निष्पक्ष न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो आपको छत्तीसगढ़, भारत और दुनिया भर की ताज़ा, सटीक और तथ्य-आधारित खबरें प्रदान करता है। हमारी प्राथमिकता है जनता तक सही और निष्पक्ष जानकारी पहुँचाना, ताकि वे हर पहलू से जागरूक और अपडेटेड रहें।

Contact Us

Syed Sameer Irfan
📞 Phone: 94255 20244
📧 Email: sameerirfan2009@gmail.com
📍 Office Address: 88A, Street 5 Vivekanand Nagar, Bhilai 490023
📧 Email Address: cgnow.in@gmail.com
📞 Phone Number: 94255 20244

© 2025 cgnow.in. Designed by Nimble Technology.

error: Content is protected !!
Exit mobile version