**नवा रायपुर:** छत्तीसगढ़ के माननीय विधायकों की विधायी क्षमता और प्रशासनिक समझ को और अधिक सशक्त बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। छत्तीसगढ़ विधानसभा सचिवालय द्वारा जारी एक आधिकारिक पत्र के अनुसार, राज्य के विधायकों के लिए कर्नाटक के बेंगलुरु में एक विशेष दो दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रतिष्ठित कार्यक्रम अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी के कैंपस में आयोजित होगा, जिसके लिए विधानसभा सचिवालय ने सभी माननीय सदस्यों को आमंत्रित किया है।
यह कार्यशाला आगामी 10 मई से 12 मई, 2026 तक संचालित की जाएगी। इस विशेष प्रशिक्षण सत्र का आयोजन पी.आर.एस. (PRS) दिल्ली के सहयोग से किया जा रहा है, जिसका मुख्य केंद्र ‘शासन के सिद्धांतों को समझने एवं उनको लागू करने में प्रभावी नेतृत्व’ प्रदान करना है। इस कार्यक्रम के माध्यम से विधायकों को जटिल नीतिगत मुद्दों और शासन की बारीकियों को समझने का अवसर मिलेगा।
सचिवालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इच्छुक सदस्यों को इस कार्यशाला में भाग लेने के लिए 3 मई, 2026 तक अपना नामांकन सुनिश्चित करना होगा। प्रशिक्षण का माध्यम पूरी तरह से अंग्रेजी रखा गया है। हालांकि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरी तरह से निशुल्क है, लेकिन सदस्यों को बेंगलुरु तक की यात्रा व्यवस्था स्वयं करनी होगी। आयोजन संस्था द्वारा यूनिवर्सिटी कैंपस के भीतर ही सदस्यों के ठहरने और भोजन की व्यवस्था की जाएगी। नियमों के अनुसार, इस कार्यशाला में केवल विधायक ही शामिल हो सकेंगे और उनके साथ आने वाले किसी भी अन्य व्यक्ति के लिए आयोजक संस्था द्वारा कोई सुविधा उपलब्ध नहीं कराई जाएगी।

विधानसभा के संचालक मनीष कुमार शर्मा के हस्ताक्षर से जारी इस पत्र में सदस्यों से आग्रह किया गया है कि वे निर्धारित प्रपत्र भरकर ई-मेल, व्हाट्सएप या डाक के माध्यम से समय सीमा के भीतर भेजें। अधिक जानकारी या समन्वय के लिए सदस्य संबंधित संस्थान के प्रोग्राम ऑफिसर श्री भारत और श्री मानस से सीधे संपर्क कर सकते हैं। यह कार्यशाला प्रदेश के जनप्रतिनिधियों के लिए आधुनिक शासन व्यवस्था को समझने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

