समीर इरफ़ान सम्पादक
नया साल 2026 एक ऐसे समय में हमारे सामने आया है जब दुनिया बदलाव के दौर से गुजर रही है। बीता वर्ष 2025 कई उपलब्धियों चुनौतियों और सबकों के साथ विदा हुआ। वैश्विक स्तर पर अर्थव्यवस्था तकनीक पर्यावरण और कूटनीति के क्षेत्र में बड़े परिवर्तन देखने को मिले। भारत के लिए भी यह वर्ष आत्मनिर्भरता सामाजिक समरसता और विकास की निरंतर यात्रा का नया अध्याय लेकर आया है।
वर्ष 2026 में भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में अपनी स्थिति मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। डिजिटल इंडिया स्टार्टअप संस्कृति और मेक इन इंडिया जैसे अभियानों ने रोजगार सृजन और नवाचार को गति दी है। बुनियादी ढांचे के विकास में सड़क रेल हवाई अड्डे और डिजिटल कनेक्टिविटी का विस्तार हुआ है जिससे ग्रामीण और शहरी भारत के बीच की दूरी कम हो रही है। कृषि क्षेत्र में तकनीक आधारित खेती प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और किसानों की आय बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी 2026 नई संभावनाएं लेकर आया है। नई शिक्षा नीति के तहत कौशल आधारित और रोजगारोन्मुख शिक्षा को बढ़ावा मिल रहा है। डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म दूरदराज के क्षेत्रों तक शिक्षा पहुंचाने में सहायक बने हैं। स्वास्थ्य सेवाओं में आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं के माध्यम से आम नागरिकों को बेहतर उपचार की सुविधा मिल रही है और प्राथमिक स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत किया जा रहा है।
पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन आज पूरी दुनिया की सबसे बड़ी चिंता है। वर्ष 2026 में स्वच्छ ऊर्जा नवीकरणीय संसाधनों और हरित विकास पर जोर पहले से अधिक बढ़ा है। सौर और पवन ऊर्जा के क्षेत्र में भारत की भागीदारी वैश्विक मंच पर सराही जा रही है। जल संरक्षण वृक्षारोपण और जैव विविधता के संरक्षण के लिए सरकारी और सामाजिक स्तर पर प्रयास तेज हुए हैं।
सामाजिक दृष्टि से 2026 समावेशी विकास और समान अवसरों का संदेश देता है। महिला सशक्तिकरण युवाओं की भागीदारी और आदिवासी तथा ग्रामीण क्षेत्रों के विकास पर विशेष फोकस किया जा रहा है। लोकतांत्रिक मूल्यों की मजबूती और नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूकता समाज को नई दिशा दे रही है।
वैश्विक परिदृश्य में भारत की भूमिका एक जिम्मेदार राष्ट्र के रूप में लगातार सशक्त हो रही है। शांति सहयोग और बहुपक्षीय संवाद के माध्यम से भारत अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी आवाज मजबूती से रख रहा है। तकनीक अंतरिक्ष अनुसंधान और विज्ञान के क्षेत्र में भारतीय उपलब्धियां देश के आत्मविश्वास को और ऊंचा कर रही हैं।
नया साल 2026 केवल कैलेंडर का बदलाव नहीं है बल्कि नई सोच नए संकल्प और नई ऊर्जा का प्रतीक है। यह वर्ष हमें यह अवसर देता है कि हम बीते अनुभवों से सीख लेकर भविष्य को बेहतर बनाएं। सकारात्मक सोच सामूहिक प्रयास और जिम्मेदार नागरिकता के साथ 2026 को प्रगति समरसता और उम्मीदों का वर्ष बनाया जा सकता है। यही नया साल का सच्चा संदेश और संकल्प है।

