छत्तीसगढ़ के पलायन आंकड़ों में बड़ा विरोधाभास: जहाँ 21 जिले पूरी तरह पलायन मुक्त हो चुके हैं, वहीं कबीरधाम और मुंगेली में संकट गहराया है, जशपुर में 40% सुधार दर्ज, विस्तृत रिपोर्ट पढ़ें……….

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने देश के राष्ट्रीय राजमार्गों की स्थिति को बेहतर बनाने और सड़क सुरक्षा को पुख्ता करने के उद्देश्य से एक बड़ा नीतिगत बदलाव किया है। मंत्रालय द्वारा अधिसूचित ‘राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क (चौथा संशोधन) नियम, 2026’ के तहत अब ओवरलोड वाहनों के खिलाफ प्रवर्तन को और अधिक कड़ा और पारदर्शी बनाया गया है।

CG जनगणना 2026: 1 मई से मकानों की गिनती, पहली बार ‘स्व-गणना’ और जातिगत जनगणना का विकल्प, गलत जानकारी दी तो लगेगा जुर्माना

15 अप्रैल 2026 से प्रभावी होने वाले इन नए नियमों के अंतर्गत, वाहनों के लिए निर्धारित सकल वाहन भार (GVW) से अधिक वजन ले जाने पर शुल्क की गणना एक नए और वैज्ञानिक तरीके से की जाएगी। नए संशोधन के अनुसार, यदि किसी वाहन में भार निर्धारित सीमा से 10 प्रतिशत तक अधिक पाया जाता है, तो उसे राहत दी जाएगी और कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं वसूला जाएगा। हालांकि, यदि ओवरलोडिंग 10 प्रतिशत से अधिक और 40 प्रतिशत तक होती है, तो संबंधित वाहन से मूल टोल दर का दोगुना शुल्क लिया जाएगा। सबसे सख्त प्रावधान उन वाहनों के लिए है जो 40 प्रतिशत से अधिक अतिरिक्त भार लेकर चलेंगे; ऐसे वाहनों को निर्धारित टोल दर से चार गुना अधिक शुल्क का भुगतान करना होगा।

अब सुरक्षित होगा बच्चों का इंस्टाग्राम: मेटा ने दुनियाभर में लागू की ‘डिजिटल दीवार’, हिंसा और अश्लील कंटेंट किशोरों की पहुंच से बाहर

इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए मंत्रालय ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि ओवरलोडिंग का निर्धारण केवल उन्हीं टोल प्लाजा पर होगा जहाँ प्रमाणित वजन मापन उपकरण (WIM) स्थापित हैं। यदि किसी प्लाजा पर वजन करने की सुविधा उपलब्ध नहीं है, तो वहां वाहन से कोई अतिरिक्त ओवरलोड शुल्क नहीं लिया जा सकेगा। डिजिटल इंडिया की दिशा में कदम बढ़ाते हुए यह भी अनिवार्य किया गया है कि ओवरलोडिंग का सारा शुल्क केवल फास्टैग (FASTag) के माध्यम से ही वसूला जाएगा।

वैज्ञानिकों का नैनो-चमत्कार, अब तापमान से चलेंगे आपके इलेक्ट्रॉनिक्स: तापमान बदलते ही बदल जाएगी नैनो-मटेरियल की चाल और शक्ति

साथ ही, नियम तोड़ने वाले प्रत्येक वाहन का विवरण राष्ट्रीय वाहन रजिस्टर यानी ‘वाहन’ पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा, जिससे भविष्य में ऐसे वाहनों की निगरानी और उन पर कार्रवाई करना आसान होगा। यह नियम उन निजी निवेश परियोजनाओं पर तभी लागू होंगे जब संबंधित रियायतग्राही इसके लिए अपनी सहमति देंगे। सरकार को विश्वास है कि इस संशोधित शुल्क प्रणाली से न केवल राजमार्गों के बुनियादी ढांचे को होने वाले नुकसान में कमी आएगी, बल्कि माल की ढुलाई भी पहले से अधिक सुरक्षित और कुशल हो सकेगी।

अब एक हस्ताक्षर से प्रमाणित होगा पूरा सरकारी दस्तावेज: छत्तीसगढ़ में ई-ऑफिस प्रणाली में अब पृष्ठांकित प्रतियों पर अलग से साइन की जरूरत नहीं

सहकार से समृद्धि:   देशभर के PACS बनेंगे अब हाईटेक सेवा केंद्र , जिला स्तर पर लागू होंगे बड़े सुधार, विजन को मिलेगी नई गति

Share.

About Us

CG NOW एक भरोसेमंद और निष्पक्ष न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो आपको छत्तीसगढ़, भारत और दुनिया भर की ताज़ा, सटीक और तथ्य-आधारित खबरें प्रदान करता है। हमारी प्राथमिकता है जनता तक सही और निष्पक्ष जानकारी पहुँचाना, ताकि वे हर पहलू से जागरूक और अपडेटेड रहें।

Contact Us

Syed Sameer Irfan
📞 Phone: 94255 20244
📧 Email: sameerirfan2009@gmail.com
📍 Office Address: 88A, Street 5 Vivekanand Nagar, Bhilai 490023
📧 Email Address: cgnow.in@gmail.com
📞 Phone Number: 94255 20244

© 2025 cgnow.in. Designed by Nimble Technology.

error: Content is protected !!
Exit mobile version