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नई दिल्ली/रायपुर: केंद्र सरकार ने नोटरी व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी और आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘डिजिटल इंडिया’ विजन के तहत, भारत सरकार ने ‘नोटरी पोर्टल’ लॉन्च किया है, जो नोटरियों और सरकार के बीच एक सेतु का काम करेगा। विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री अर्जुन राम मेघवाल ने आज लोकसभा में इस महत्वपूर्ण उपलब्धि की जानकारी दी।
कागज रहित और पारदर्शी होगी प्रक्रिया नोटरी पोर्टल (Notary Portal) एक समर्पित डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसका उद्देश्य नोटरी अधिनियम, 1952 से जुड़े कार्यों को सरल बनाना है। अब नोटरी के रूप में नियुक्ति के लिए आवेदन करना, पात्रता का सत्यापन, प्रैक्टिस सर्टिफिकेट का नवीनीकरण और वार्षिक रिटर्न जमा करने जैसे कार्य घर बैठे ऑनलाइन किए जा सकेंगे। यह पोर्टल न केवल समय बचाएगा, बल्कि भ्रष्टाचार की गुंजाइश को खत्म कर पूरी प्रणाली को पारदर्शी और कुशल बनाएगा।
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36,000 से अधिक डिजिटल सर्टिफिकेट जारी सरकार ने जानकारी दी है कि पोर्टल के लॉन्च होने के बाद से प्रक्रिया में काफी तेजी आई है। 06 मार्च 2026 तक देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 36,269 नवनियुक्त नोटरियों को डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित (Digitally Signed) प्रैक्टिस सर्टिफिकेट जारी किए जा चुके हैं। इससे पहले ये सर्टिफिकेट भौतिक रूप से डाक या कार्यालयों के माध्यम से जारी किए जाते थे, जिसमें काफी समय लगता था।
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वर्तमान में सक्रिय सुविधाएं फिलहाल पोर्टल पर दस्तावेजों के सत्यापन, पात्रता चेक करने और नवनियुक्त नोटरियों को डिजिटल सर्टिफिकेट जारी करने वाले मॉड्यूल सक्रिय कर दिए गए हैं। जल्द ही प्रैक्टिस के क्षेत्र में बदलाव और नवीनीकरण जैसी अन्य सेवाएं भी पूरी तरह से चालू हो जाएंगी। यह पोर्टल कानूनी क्षेत्र में काम करने वाले पेशेवरों के लिए एक ‘सिंगल विंडो’ समाधान साबित होगा।

