नई दिल्ली।
भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय ने देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक स्थलों को वैश्विक पटल पर चमकाने के लिए एक बड़ा डिजिटल कदम उठाया है। मंत्रालय ने आज दिग्गज टेक कंपनी गूगल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), उन्नत डिजिटल प्रौद्योगिकियों, डेटा-आधारित जानकारियों और क्षमता निर्माण के जरिए भारतीय पर्यटन स्थलों के डिजिटल प्रचार-प्रसार को वैश्विक स्तर पर मजबूत करना है। यह समझौता नई दिल्ली में केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ।
यह रणनीतिक सहयोग पूरी तरह से गैर-व्यावसायिक, गैर-बाध्यकारी और गैर-विशिष्ट है, जिसका दोनों पक्षों पर कोई वित्तीय प्रभाव नहीं पड़ेगा। इस खास अवसर पर पर्यटन मंत्रालय के सचिव श्री भुवनेश कुमार, अतिरिक्त सचिव और महानिदेशक (पर्यटन) श्री सुमन बिल्ला सहित गूगल इंडिया की कंट्री मैनेजर और उपाध्यक्ष सुश्री प्रीति लोबाना भी उपस्थित रहीं।
तकनीक बदलेगी भारत को खोजने और अनुभव करने का तरीका: गजेंद्र सिंह शेखावत
इस ऐतिहासिक मौके पर केंद्रीय मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने डिजिटल क्रांति की ताकत पर जोर देते हुए कहा,
“डिजिटल प्रौद्योगिकियों में ऐसे शानदार अनुभव बनाने की अभूतपूर्व क्षमता है जो दुनिया भर के दर्शकों के सामने भारत के सांस्कृतिक स्थलों की शान और भव्यता को हूबहू पेश कर सकें। अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग करके, हम यात्रियों के भारत की समृद्ध सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत को खोजने, अनुभव करने और उससे जुड़ने के पुराने तरीके को पूरी तरह बदल सकते हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि यह साझेदारी ‘इनक्रेडिबल इंडिया’ (अतुल्य भारत) पहल के तहत पर्यटन संवर्धन के लिए एक आधुनिक, प्रौद्योगिकी-आधारित दृष्टिकोण अपनाने की मंत्रालय की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इससे भारत को एक आधुनिक, सुलभ और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित करने में बड़ी मदद मिलेगी।
डेटा और ट्रेनिंग से लैस होंगे अधिकारी, यात्रियों के व्यवहार पर रहेगी नजर
इस समझौते के तहत पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए गूगल के विशाल डिजिटल इकोसिस्टम और विशेषज्ञता का सीधा लाभ उठाया जाएगा। इसकी मुख्य रूपरेखा इस प्रकार है:साक्ष्यों पर आधारित सटीक पर्यटन रणनीतियां बनाने के लिए गूगल के ग्लोबल ट्रैवल ट्रेंड्स, यात्रियों के बदलते व्यवहार और डिजिटल जुड़ाव के पैटर्न से मिलने वाले डेटा का इस्तेमाल किया जाएगा।इस साझेदारी के तहत मंत्रालय के अधिकारियों के लिए विशेष ट्रेनिंग और क्षमता-निर्माण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में अधिकारियों को डिजिटल मार्केटिंग टूल्स, कैंपेन ऑप्टिमाइज़ेशन, कंटेंट क्रिएशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी उभरती तकनीकों पर गहन प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि पर्यटन का प्रचार अधिक प्रभावी और सटीक तरीके से किया जा सके।
इस साझा प्रयास से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों ही प्रकार के यात्रियों के बीच भारत के पर्यटन स्थलों की दृश्यता (Visibility) कई गुना बढ़ जाएगी।

